Chhatisgarh News : कांग्रेस की राष्ट्रीय बैठक में उठी संगठन को ताकत देने की मांग, राहुल गांधी बोले- बढ़ेगा पावर, बढ़ेंगी जिम्मेदारियां
Chhatisgarh News : दिल्ली में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की मौजूदगी रही। बैठक में छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और चंडीगढ़ सहित कई राज्यों के जिला अध्यक्षों ने शिरकत की।
गुटबाजी और संगठन को दरकिनार करने का मुद्दा उठा
बैठक में छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने खुलकर गुटबाजी और संगठन की अनदेखी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा,
“जब चुनाव संगठन ने लड़ा तो हम जीते, लेकिन जब जनप्रतिनिधियों ने लड़ा, तब हार गए।”
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी में हर बड़े नेता की अपनी-अपनी टीम है, जो सिर्फ नेता के साथ दिखती है लेकिन पार्टी कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखती है।
पद है, पावर नहीं—जिलाध्यक्षों की स्पष्ट मांग
बैठक में कई जिलाध्यक्षों ने कहा कि संगठन के पास पद तो हैं लेकिन निर्णय लेने की शक्ति नहीं। उन्होंने शिकायत की कि सत्ता में आने के बाद संगठन को दरकिनार कर दिया जाता है।
इस पर राहुल गांधी ने जवाब दिया,“आपका पावर बढ़ेगा, लेकिन उसके साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी।”राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अब जिलाध्यक्ष अपने क्षेत्र के बड़े नेताओं की भागीदारी पर भी नजर रखेंगे और रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को देंगे।
असक्रिय नेताओं पर सख्ती, फील्ड वर्क जरूरी
राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि जो नेता संगठनात्मक कार्यक्रमों में भाग नहीं लेते, उन्हें हटाया जाएगा ताकि बेहतर काम करने वालों को अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि पार्टी की आगामी रणनीति में बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना प्राथमिकता होगी।
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में कहा,“आप लोग जमीन पर संघर्ष कर रहे हैं। जिन लोगों को मंत्री और चेयरमैन बनाया, वे पार्टी छोड़ गए। जो संकट में साथ रहते हैं, वही पार्टी के असली सिपाही हैं।”
सोशल मीडिया पर फोकस, मिली खास ट्रेनिंग
पार्टी की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने सभी जिलाध्यक्षों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रचार-प्रसार की ट्रेनिंग दी। आने वाले समय में जिला स्तर पर सोशल मीडिया की भूमिका बढ़ेगी और उसके लिए अलग से जिम्मेदारी दी जाएगी।
बैठक में बस्तर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला को मंच से अपनी बात रखने का मौका मिला। उन्होंने बस्तर की परिस्थितियों और संगठन की चुनौतियों को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा।
बैठक में बदली गई परंपरा
इस बार बैठक में राज्यवार बैठने की बजाय रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर सीट अलॉट की गई थी, जिससे जिला अध्यक्षों को विभिन्न राज्यों के नेताओं से संवाद का अवसर मिला।
कांग्रेस की यह बैठक पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। राहुल गांधी और खड़गे के स्पष्ट संदेश ने यह साफ कर दिया कि अब संगठनात्मक जिम्मेदारियों के साथ जवाबदेही भी तय होगी।