CG News: रामगोपाल अग्रवाल की जमानत पर आज फैसला, ED ने 11 अगस्त को किया था गिरफ्तार
CG News: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की जमानत याचिका पर आज कोर्ट फैसला सुनाएगा. रामगोपाल अग्रवाल शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था. इसके बाद शुरुआती पूछताछ के लिए कस्टोडियल रिमांड में लिया गया और फिर जेल भेज दिया गया.
तीन साल तक फरार रहने के बाद किया सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे थे. 8 जुलाई को उन्होंने EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था. इसके बाद मेडिकल जांच कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां 9 से 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड मंजूर हुई. रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें 5 अगस्त तक EOW की कस्टडी में भेजा गया था. बाद में ED ने उन्हें गिरफ्तार किया था.
2019 से 2023 के मामलों की जांच
ED के मुताबिक, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच EOW/ACB रायपुर की FIR, विशेष कोर्ट में दाखिल चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई. एजेंसी के अनुसार, इन मामलों में 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ के आबकारी प्रशासन में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है.
3200 करोड़ से ज्यादा के घोटाले का आरोप
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जांच एजेंसियां सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं, अवैध कमीशन और पैसों के लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं. ED का कहना है कि जांच में करीब 3000 करोड़ रुपये के अपराध से अर्जित धन की बात सामने आई है, जबकि EOW से जुड़े मामले में 3200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का उल्लेख किया गया है. ये आरोप अभी न्यायिक रूप से साबित नहीं हुए हैं.
सिंडिकेट और गिरफ्तार आरोपियों का मामला
जांच एजेंसियों के अनुसार, 2019 में शराब कारोबार से जुड़े लोगों के बीच एक कथित सिंडिकेट बनाया गया था, जिसमें कमीशन और शराब की बिक्री से जुड़े लेन-देन की जांच की गई. एजेंसियों ने इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है. रामगोपाल अग्रवाल भी इसी व्यापक जांच के तहत आरोपी हैं और उनके खिलाफ जांच व न्यायिक प्रक्रिया जारी है.