CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, महिला कर्मचारियों को मिला मातृत्व अधिकार
CG News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महिला कर्मचारियों के मातृत्व अधिकारों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी महिला कर्मचारी का गर्भपात हो जाता है और वह बाद में दोबारा गर्भवती होती है, तो पिछला अवकाश उसके नए मातृत्व अवकाश में बाधा नहीं बन सकता।
महिला को मिलेगा पूरा मातृत्व अवकाश
कोर्ट ने कहा कि महिला कर्मचारी कानून के तहत पूर्ण मातृत्व अवकाश की हकदार है। यह अधिकार नए गर्भधारण के लिए अलग से लागू होगा और उसे कम नहीं किया जा सकता। यह फैसला जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने सुनाया।
रायपुर की महिला कर्मचारी का मामला
यह मामला रायपुर स्थित भारतीय खाद्य निगम में कार्यरत एक असिस्टेंट ग्रेड-2 महिला कर्मचारी से जुड़ा है। वर्ष 2019 में गर्भावस्था के दौरान चिकित्सीय जटिलताओं के कारण उनका एक भ्रूण गर्भपात हो गया था। बाद में उन्होंने एक प्री-मैच्योर बेटी को जन्म दिया।
वेतन से की गई कटौती रद्द
विभाग ने महिला को सीमित अवकाश देते हुए उनके वेतन से 80,254 रुपये की कटौती कर दी थी। महिला ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने वेतन कटौती को गलत मानते हुए इसे रद्द कर रकम वापस करने का आदेश दिया, हाईकोर्ट के इस फैसले को महिला कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलेंगे।