CG News : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को नई रफ्तार, AC मेडिकल वाहन लॉन्च
CG News : छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने हाल ही में 70 अत्याधुनिक, GPS से लैस और एयर-कंडीशंड (AC) वाहन अपने बेड़े में शामिल किए हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों का मुख्य उद्देश्य राज्य के गोदामों से अस्पतालों तक दवाइयों, इंजेक्शनों और अन्य आवश्यक कंज्यूमेबल आइटमों की सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे दवाओं की क्वालिटी बनाए रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
पारदर्शिता और निगरानी के लिए वेबपोर्टल से लिंक
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल और स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने इन वाहनों का अवलोकन किया और हरी झंडी दिखाई। इन वाहनों को वेयरहाउस से अस्पताल पहुंचने तक पूरी तरह से ट्रैक किया जा सकेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसे CGMSC के वेबपोर्टल से लिंक किया गया है, जिससे कोई भी इन गाड़ियों की रियल-टाइम लोकेशन देख सकता है।
मंत्री जायसवाल ने विधानसभा में घोषणा की थी कि सभी वाहनों को जीपीएस से लैस किया जाएगा, ताकि उनकी सही लोकेशन और सही समय का हमेशा पता चल सके। इन वाहनों में लगे अत्याधुनिक जीपीएस की खासियत यह है कि जहां नेटवर्क नहीं होता, वहां भी यह लोकेशन और रूट को रिकॉर्ड कर बाद में दिखाता है। इससे डिलीवरी में किसी भी तरह की गड़बड़ी या देरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कॉर्पोरेशन दवाइयों की गुणवत्ता को बरकरार रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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तापमान नियंत्रित स्टोरेज से गुणवत्ता सुनिश्चित
इन AC वाहनों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये दवाइयों की क्षमता और प्रोडक्ट क्वालिटी को बरकरार रखते हैं। विशेष रूप से तापमान-संवेदनशील दवाइयों को इनमें इस तरह से रखा जाता है कि उनका तापमान नियंत्रित रहे और वे खराब न हों। इनमें दवाइयों का स्टोरेज सुरक्षा मानकों के अनुसार होता है, जिससे प्राप्तकर्ता के पास दवाइयां सुरक्षित तरीके से पहुंचें।
वेयरहाउस की कमी और गुणवत्ता पर सवाल
हालांकि, इन दावों के बावजूद, कई बार यह शिकायतें भी आती रही हैं कि कुछ दवाएं, इंजेक्शन, किट और ब्लेड घटिया गुणवत्ता के निकल रहे हैं, जिससे मरीजों की जान पर खतरा बना रहता है। फिलहाल, प्रदेश के 33 जिलों के अस्पतालों के लिए केवल 16 वेयरहाउस उपलब्ध हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं। कॉर्पोरेशन की एमडी पद्मिनी भोई साहू ने स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल से वेयरहाउस की संख्या बढ़ाने की मांग की है, जिस पर मंत्री ने आश्वासन दिया है।