CG News : छत्तीसगढ़: देवभोग नगर पंचायत की पहली खरीदी में घोटाला, CMO पर नियमों की अनदेखी का आरोप

CG News : छत्तीसगढ़: देवभोग नगर पंचायत की पहली खरीदी में घोटाला, CMO पर नियमों की अनदेखी का आरोप

CG News : छत्तीसगढ़: देवभोग नगर पंचायत की पहली खरीदी में घोटाला, CMO पर नियमों की अनदेखी का आरोप

CG News : नवगठित देवभोग नगर पंचायत में सामग्री खरीदी में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रभारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) संतोष स्वर्णकार ने रिटायरमेंट से पहले जेम पोर्टल के माध्यम से नियमों को दरकिनार कर भारी भरकम दरों पर घटिया और सेमी-ब्रांडेड सामग्री की खरीदी की।

5 लाख की वस्तु 15.73 लाख में खरीदी

जानकारी के अनुसार, शासन ने अप्रैल में नगर पंचायत को जरूरी सामग्री खरीदने के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति दी थी। मई में प्रभारी CMO ने बाजार में 5 लाख रुपए में मिलने वाली सामग्री को जेम पोर्टल से 15.73 लाख रुपए में खरीदा और 12.37 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया। खरीदी की प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए बनाए गए जेम पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए कई वस्तुओं की कीमत वास्तविक बाजार दर से 3 से 5 गुना अधिक दर्शाई गई।

जांच में उजागर हुआ घोटाला

18 जून को ज्वाइंट डायरेक्टर लोकेश्वर साहू ने देवभोग नगर पंचायत पहुंचकर जांच की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए खरीदी की पूरी प्रक्रिया का आकलन किया। जांच में सामने आया कि पीआईसी (स्थायी क्रय समिति) से कोई अनुमति नहीं ली गई थी और घटिया क्वालिटी की सामग्री खरीदी गई।जांच रिपोर्ट के मुताबिक, डेढ़ से 5 एचपी तक के 5 मोटर पंप के लिए 3 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किया गया, जबकि इन्हें बाजार में एक लाख रुपए से कम में खरीदा जा सकता है। 63 हजार की कीमत वाली एक फोटो कॉपी मशीन के लिए 3 लाख रुपए से अधिक चुकाए गए। डस्टबिन, सोलर लाइट, इनवर्टर और अलमारी जैसे सामान भी 3 से 5 गुना अधिक कीमत पर खरीदे गए।

नगर पंचायत अध्यक्ष का आरोप—“जानबूझकर छिपाई गई खरीदी”

नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि उन्हें खरीदी की कोई जानकारी नहीं दी गई। जब उन्हें जानकारी लगी कि सेमी-ब्रांड और अमानक सामग्री अधिक कीमत पर खरीदी जा रही है, तो उन्होंने आगे की 20 लाख की खरीदी रोकने के लिए लिखित पत्र दिया। उन्होंने कहा कि अगर CMO जेम पोर्टल की दरें पीआईसी के समक्ष रखते तो हम बाध्य होकर अनुमोदन भी दे सकते थे।

जानकारी के अनुसार, 17 मई को प्रभारी CMO ने जेम पोर्टल के अधिकृत विक्रेता तनुष्का इंटरप्राइजेस को चेक के माध्यम से 12 लाख 37 हजार 499 रुपए का भुगतान कर दिया। शेष 3.36 लाख रुपए का भुगतान 4 एसी (84 हजार प्रति यूनिट) के लिए लंबित था।

नपा अध्यक्ष बोले—“जेम पोर्टल बना भ्रष्टाचार का प्लेटफॉर्म”

नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी ने जेम पोर्टल को “भ्रष्टाचार का हार्डडिस्क” बताते हुए इसकी समीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के उद्देश्य से लागू किए गए इस पोर्टल में ऐसी सामग्रियां सूचीबद्ध हैं, जो ब्रांडेड विकल्पों की तुलना में कई गुना महंगी हैं और गुणवत्ता में कमजोर हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर लोकेश्वर साहू ने खरीदी में आर्थिक अनियमितता की पुष्टि करते हुए अपनी रिपोर्ट संचालक के माध्यम से राज्य शासन को भेज दी है। अब इस मामले में आगे की कार्रवाई शासन स्तर से तय की जाएगी।

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