CG News: रायपुर के 5 फ्लाईओवर अटके, मंजूरी के एक साल बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
CG News: राजधानी रायपुर की व्यस्त सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए प्रस्तावित पांच फ्लाईओवरों की योजना सरकारी प्रक्रिया में फंस गई है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मंजूरी को करीब एक साल बीतने के बाद भी निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है. करीब छह माह पहले विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, एनएचएआई मुख्यालय भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिली है. डीपीआर स्वीकृत नहीं होने के कारण टेंडर भी जारी नहीं हो पा रहा है.
420 करोड़ की लागत से बनेंगे फ्लाईओवर
रायपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर सरोना चौक, उद्योग भवन चौक, तेलीबांधा चौक और अग्रसेन धाम चौक के अलावा अटलपथ एक्सप्रेस-वे को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से जोड़ने वाले शदाणी दरबार के पास जंक्शन पर ग्रेड सेपरेटर फ्लाईओवर प्रस्तावित हैं. इन पांचों परियोजनाओं पर करीब 420 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी.
तेलीबांधा फ्लाईओवर सबसे अहम
एनएचएआई के प्रस्ताव में तेलीबांधा चौक के पास बनने वाला फ्लाईओवर सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है. इसका स्पॉन करीब एक किलोमीटर लंबा होगा. यह गौरवपथ से शुरू होकर वीआईपी चौक को पार करते हुए मैग्नेटो मॉल के आगे उतरेगा. वहीं तेलीबांधा फ्लाईओवर की कुल लंबाई करीब 580 मीटर बताई गई है और इसकी सिविल लागत लगभग 142 करोड़ रुपए अनुमानित है. उद्योग भवन चौक के पास प्रस्तावित फ्लाईओवर का स्पॉन करीब 70 मीटर लंबा होगा, जिस पर लगभग 66 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है. सरोना, अग्रसेन धाम और शदाणी दरबार जंक्शन पर भी यातायात दबाव के आधार पर फ्लाईओवर अथवा ग्रेड सेपरेटर की योजना तैयार की गई है.
एक साल पहले मिली थी मंजूरी
रायपुर में इन फ्लाईओवरों के निर्माण के प्रस्ताव को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने करीब एक साल पहले रायपुर प्रवास के दौरान मंजूरी दी थी. इसके बाद रिंग रोड-1 सहित संबंधित स्थानों पर सर्वेक्षण का काम पूरा किया गया. करीब छह माह पहले डीपीआर तैयार कर एनएचएआई मुख्यालय भेजी गई, लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी है. दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर टाटीबंध से तेलीबांधा, वीआईपी रोड और अग्रसेन धाम चौक तक रोजाना भारी यातायात दबाव रहता है. सुबह और शाम के समय वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं, जिससे लोगों को जाम में काफी समय बिताना पड़ता है.
डीपीआर मंजूर होते ही शुरू होगी प्रक्रिया
प्रस्तावित फ्लाईओवरों के निर्माण से शहर के प्रमुख जंक्शनों पर यातायात का दबाव कम होने और वाहनों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है. कई स्थानों पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है. ऐसे में डीपीआर की मंजूरी में देरी से परियोजना के साथ शहरवासियों को मिलने वाली संभावित राहत भी टल रही है. एनएचएआई रायपुर के उप महाप्रबंधक एवं परियोजना निदेशक दिग्विजय सिंह के मुताबिक तेलीबांधा, उद्योग भवन, सरोना, अग्रसेन धाम और शदाणी दरबार के पास प्रस्तावित फ्लाईओवरों की डीपीआर मुख्यालय स्तर पर विचाराधीन है. मंजूरी मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
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