CG News: स्काउट-गाइड जंबूरी को लेकर छत्तीसगढ़ में कानूनी संग्राम,हाईकोर्ट पहुंचा मामला
CG News: छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी 2026 अब प्रशासनिक आयोजन न रहकर कानूनी और राजनीतिक विवाद का विषय बन गया है। इस पूरे घटनाक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्वयं को छत्तीसगढ़ राज्य स्काउट-गाइड परिषद का विधिसम्मत अध्यक्ष बताते हुए आयोजन को रोकने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने इस निर्णय से जुड़े घटनाक्रम को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
बिना सूचना हटाने का आरोप, न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग
हाईकोर्ट में प्रस्तुत याचिका में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि परिषद के अध्यक्ष पद से उन्हें हटाने की प्रक्रिया नियमों और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। उनका कहना है कि –
- न तो कोई आधिकारिक नोटिस दिया गया
- न ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर मिला
पूरी कार्रवाई को उन्होंने एकतरफा और अवैधानिक बताया है।
बैठक आयोजित करने के बावजूद पद पर सवाल
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि 5 जनवरी 2026 को उन्होंने जंबूरी की तैयारियों को लेकर एक बैठक आयोजित की थी। उनके अनुसार, यदि वे अध्यक्ष नहीं थे तो बैठक बुलाने पर किसी प्रकार की आपत्ति उस समय क्यों नहीं उठाई गई।
अध्यक्ष पद पर दो दावे, असमंजस की स्थिति
इस विवाद की मूल वजह राज्य स्काउट-गाइड परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर है। जहां सांसद बृजमोहन अग्रवाल खुद को अधिकृत अध्यक्ष बता रहे हैं, वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भी इस पद से जोड़ा जा रहा है। इसी दोहरे दावे के चलते परिषद के निर्णय और आयोजन की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
खर्च और स्थल चयन पर गंभीर आरोप
बृजमोहन अग्रवाल ने जंबूरी से जुड़ी तैयारियों पर करीब 10 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रबंधन को संदिग्ध बताया है।
उनका आरोप है कि –
- आयोजन का प्रारंभिक स्थल नवा रायपुर निर्धारित था
- बाद में बिना नियमों के पालन के बालोद जिले में तैयारियां शुरू कर दी गईं
इन्हीं कारणों से आयोजन पर रोक लगाने की घोषणा की गई।
13 दिसंबर का पत्र बना विवाद की वजह
जानकारी के अनुसार, 13 दिसंबर 2025 को जारी एक पत्र के बाद यह विवाद खुलकर सामने आया। यह पत्र स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी हुआ था, जिसमें मंत्री को परिषद का पदेन अध्यक्ष बताया गया इसके बाद से अधिकारों और निर्णय प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति बनती चली गई।
सरकार ने आयोजन को बताया तय
राज्य सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा गया है कि राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 9 से 13 जनवरी 2026 तक बालोद जिले के दुधली क्षेत्र में आयोजित की जाएगी सरकार ने आयोजन को स्थगित करने की किसी भी घोषणा को अधिकृत नहीं माना है।
मुख्य आयुक्त का स्पष्टीकरण
इस पूरे मामले पर छत्तीसगढ़ स्काउट-गाइड परिषद के मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने प्रेस को जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि –
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आयोजन की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली गई हैं
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उद्घाटन कार्यक्रम राज्यपाल के हाथों प्रस्तावित है
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वित्तीय अनियमितताओं के आरोप तथ्यहीन हैं
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी कार्य सरकारी नियमों और GEM पोर्टल के माध्यम से किए गए हैं।
आगे क्या?
अब यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही यह तय होगा कि जंबूरी आयोजन अपने तय स्वरूप में आगे बढ़ेगा या इसमें कोई बदलाव होगा।