CG News: उत्तरी छत्तीसगढ़ से रोजगार की तलाश में आदिवासी परिवारों का पलायन शुरू, बलरामपुर से अंबिकापुर पहुंचे मजदूर
CG News: उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक बार फिर रोजगार की तलाश में आदिवासी परिवारों का पलायन शुरू हो गया है. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ क्षेत्र के विभिन्न गांवों से सैकड़ों परिवार काम की तलाश में भटकते हुए अंबिकापुर पहुंच रहे हैं. गांव में पर्याप्त कृषि मजदूरी नहीं मिलने और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत समय पर मजदूरी का भुगतान न होने को इस पलायन की मुख्य वजह बताया जा रहा है.
फावड़ा, गैता और चावल की गठरी लेकर शहर पहुंचे परिवार
रोजगार की तलाश में शहर पहुंचे इन परिवारों में पहाड़ी कोरवा और नगेसिया जनजाति के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं. अंबिकापुर के प्रतापपुर चौक पर शंकरगढ़ क्षेत्र से पहुंचे मजदूरों की तस्वीरें ग्रामीण इलाकों की जमीनी हकीकत बयां करती हैं. ग्राम पंचायत जोकपाठ, भरतपुर और आसपास के गांवों से आए ये परिवार अपने साथ फावड़ा, गैता जैसे कामकाजी औजार, चावल की गठरी, लकड़ियां और रोजमर्रा की जरूरत का अन्य सामान लेकर पहुंचे हैं.
भुगतान न मिलने से बढ़ी मजबूरी
मजदूरों ने बताया कि खेती-किसानी का सीजन लगभग समाप्त हो चुका है, जिसके बाद गांव में ऐसा कोई पर्याप्त काम नहीं बचता जिससे परिवार का खर्च आसानी से चल सके. इसी मजबूरी के चलते उन्हें शहर का रुख करना पड़ा है. स्थानीय मजदूरों के मुताबिक, उनके क्षेत्र से हर साल लोग काम की तलाश में बाहर जाते हैं, जहां परिवार के बुजुर्ग गांव में रहकर घर संभालते हैं और अन्य सदस्य शहर पहुंचकर मजदूरी की तलाश करते हैं.
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