CG News: कोयला कर्मियों के बोनस पर बड़ा अपडेट, दुर्गा पूजा से पहले बोनस पर इंतजार
CG News: दुर्गा पूजा से पहले कोयला कर्मियों को मिलने वाले सालाना बोनस यानी प्रदर्शन संबद्ध पुरस्कार, PLR को लेकर इस बार प्रक्रिया स्पष्ट नहीं हो पाई है. कोल इंडिया की 11वीं संयुक्त द्विपक्षीय समिति, JBCCI की अवधि जून 2026 में खत्म हो चुकी है, लेकिन करीब ढाई महीने बाद भी 12वीं JBCCI का गठन नहीं हुआ है. ऐसे में बोनस निर्धारण, मानकीकरण समिति और शीर्ष उपसमिति की भूमिका को लेकर कर्मचारियों और यूनियनों में इंतजार बना हुआ है.
पिछले साल कर्मचारियों को मिला था ₹1.03 लाख बोनस
पिछले साल दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड, SECL के करीब 34,500 कोयला कर्मियों को PLR के तहत प्रति कर्मचारी 1.03 लाख रुपये बोनस दिया गया था. इस भुगतान पर करीब 356 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इस वर्ष 1 सितंबर 2026 तक SECL में 33,231 नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं, यानी पिछले एक साल में नियमित कर्मचारियों की संख्या में करीब 1,200 की कमी आई है.
PLR के तहत हर साल होता है बोनस भुगतान
PLR योजना के तहत हर वर्ष दुर्गा पूजा से पहले कोल इंडिया की सहायक कंपनियों के पात्र कर्मचारियों को बोनस दिया जाता है. मानकीकरण समिति में बोनस राशि पर सहमति बनने के बाद SECL समेत अन्य कंपनियों के पात्र कर्मचारियों के खातों में भुगतान किया जाता है. पिछले वर्ष PLR के स्थान पर दूसरी योजना के जरिए बोनस तय करने का प्रस्ताव आया था, लेकिन श्रमिक संगठनों ने इसे स्वीकार नहीं किया था.
यूनियनों ने जल्द बोनस वार्ता शुरू करने की मांग की
दुर्गा पूजा में करीब एक माह का समय बाकी रहने के बीच BMS से संबद्ध अखिल भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ने बोनस पर जल्द बातचीत शुरू करने की मांग की है. यूनियन का कहना है कि समय रहते वार्ता शुरू होने से PLR राशि तय करने और निर्धारित समय पर कर्मचारियों को भुगतान करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी. पिछले वर्ष बोनस को लेकर यूनियनों ने सांकेतिक विरोध भी किया था, जिसके बाद INTC को वार्ता में शामिल किया गया और PLR राशि पर सहमति बनी थी.
12वीं JBCCI के गठन पर भी नजर
11वीं JBCCI की अवधि समाप्त होने के बाद 12वीं समिति का गठन नहीं होने से अब समिति की आगे की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा है. श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन के बाद JBCCI समेत विभिन्न समितियों के संचालन और अधिकार क्षेत्र को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होना बाकी है. यदि समिति के गठन में देरी होती है, तो कोल इंडिया प्रबंधन यूनियनों की विशेष बैठक बुलाकर बोनस पर सहमति बनाने का विकल्प अपना सकता है. फिलहाल कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि बोनस वार्ता कब शुरू होती है और इस वर्ष PLR की राशि कितनी तय होती है.