CG News: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, हाईवे पर स्टंट और बर्थडे मनाने पर गाइडलाइंस बनाने के निर्देश
CG News: छत्तीसगढ़ की सड़कों पर जानलेवा मोटरसाइकिल स्टंट करने और नेशनल हाईवे पर गाड़ियों का काफिला रोककर जन्मदिन मनाने की बढ़ती अराजक घटनाओं पर बिलासपुर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है, मंगलवार को चीफ जस्टिस श्री महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की युगलपीठ (डबल बेंच) ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को ऐसी खतरनाक गतिविधियों पर पूर्ण अंकुश लगाने के लिए स्पष्ट व कड़े दिशा-निर्देश (गाइडलाइंस) बनाने के निर्देश दिए हैं.
डीजीपी स्तर के निर्देशों को बताया नाकाफी
हाई कोर्ट की युगलपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस महानिदेशक (DGP) स्तर से समय-समय पर इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए सामान्य निर्देश जारी किए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक राज्य सरकार द्वारा ऐसी हरकतों से सख्ती से निपटने के लिए कोई विशेष और स्थायी दिशा-निर्देश नहीं बनाए गए हैं, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक शासन स्तर पर कड़ा कानून या विशेष गाइडलाइन लागू नहीं होगी, तब तक सड़कों पर हुड़दंग मचाने वाले तत्वों पर प्रभावी रोक नहीं लगाई जा सकेगी.
मीडिया खबरों पर हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों व हाईवे पर युवाओं द्वारा चलती गाड़ियों पर स्टंट करने और मुख्य मार्गों पर केक काटकर ट्रैफिक बाधित करने के कई वीडियो वायरल हुए थे, मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित इन खबरों को बेहद गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था, जिसके बाद इस पूरे मामले को जनहित याचिका (PIL) के रूप में सूचीबद्ध कर नियमित सुनवाई की जा रही है.
बिलासपुर एसएसपी ने शपथपत्र में दी थी कार्रवाई की जानकारी
इसी जनहित याचिका पर पूर्व में हुई 24 अगस्त 2026 की सुनवाई के दौरान बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एवं उप महानिरीक्षक (DIG) की ओर से अदालत में विस्तृत शपथपत्र प्रस्तुत किया गया था, इस शपथपत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा स्टंटबाजों के खिलाफ की गई चालानी कार्रवाई, वाहनों की जब्ती और युवाओं को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे अभियानों का ब्योरा कोर्ट के समक्ष रखा गया था.
आम जनता की सुरक्षा और सख्त नियमों की आवश्यकता
हाई कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को विशेष दिशा-निर्देश तैयार करने के निर्देश दिए जाने के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, आम नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि राज्य सरकार जल्द ही स्टंटबाजी और हाईवे पर होने वाली अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त और गैर-जमानती प्रावधानों वाली गाइडलाइंस जारी करेगी, जिससे सड़कों पर उपद्रव करने वालों पर लगाम कसी जा सके.