CG News: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई चिंता, 24 नए मरीज मिलने से संक्रमितों की संख्या 108
CG News: छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 24 नए मरीज सामने आए हैं. नए मामलों के बाद राज्य में स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 108 हो गई है. इनमें से 87 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जबकि 21 संक्रमित मरीजों का उपचार डॉक्टरों की निगरानी में घर पर चल रहा है.
रायपुर में सबसे ज्यादा मामले
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राजधानी रायपुर में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक मरीज सामने आए हैं. मंगलवार को जिले में 8 नए संक्रमित मरीज मिले, जिसके बाद यहां कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 38 हो गई है. इनमें 36 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है, जबकि 2 मरीजों को चिकित्सकीय निगरानी में होम आइसोलेशन में रखा गया है. स्वास्थ्य विभाग लगातार संक्रमित मरीजों की स्थिति पर नजर रख रहा है.
दूसरे जिलों में भी संक्रमण
स्वाइन फ्लू के मामले सिर्फ रायपुर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी मरीज सामने आए हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार बिलासपुर में 10, राजनांदगांव में 10, कोरबा में 8, दुर्ग में 13, महासमुंद में 12 और बालोद में 9 मरीज संक्रमित पाए गए हैं. बिलासपुर के 10 मरीजों में से 5 अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि अन्य 5 मरीजों का उपचार घर पर किया जा रहा है. अलग-अलग जिलों में स्वास्थ्य विभाग मरीजों की निगरानी कर रहा है.
अस्पताल और होम ट्रीटमेंट की व्यवस्था
प्रदेश में सामने आए कुल 108 मामलों में 87 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 21 मरीजों को घर पर उपचार की सुविधा दी जा रही है. मरीजों की स्थिति और चिकित्सकीय जरूरत के आधार पर उपचार की व्यवस्था की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि लक्षण नजर आने पर खुद से इलाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें और समय पर जांच कराएं.
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के संभावित लक्षणों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है. खासतौर पर सांस लेने में तकलीफ या तबीयत बिगड़ने की स्थिति में जांच और उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए. संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की निगरानी और समय पर उपचार पर जोर दिया जा रहा है.