CG News: छत्तीसगढ़ में तहसीलदार-नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, प्रशासन और राजनीति में बढ़ा तनाव
CG News: छत्तीसगढ़ में तहसीलदार और नायब तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब आम जनता पर साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश के कई जिलों में राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित हो रहा है, जबकि विवाद अब प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
हड़ताल से प्रभावित हुआ राजस्व कामकाज
प्रदेशभर में तहसीलदार और नायब तहसीलदार अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। इसके कारण तहसीलों में राजस्व संबंधी अनेक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दस्तावेज सत्यापन, नामांतरण, सीमांकन और अन्य जरूरी कामों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
सरगुजा प्रशासन ने हड़ताल को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अधिकारियों को कार्यस्थल पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सरकारी सेवाओं के प्रभावित होने से आम जनता को असुविधा हो रही है, इसलिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं, विवाद अब राजनीतिक गलियारों तक पहुंच गया है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। मामले को लेकर ज्ञापन सौंपे गए हैं और आगे आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों की चेतावनी
इस बीच प्रशासनिक अधिकारियों के संगठन ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। संगठन ने संकेत दिए हैं कि यदि विवाद का समाधान नहीं हुआ तो अन्य अधिकारी भी आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। इससे प्रशासनिक कार्यों पर और अधिक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है, पूरा मामला एक नायब तहसीलदार और जनप्रतिनिधि के बीच हुए कथित विवाद से जुड़ा है। दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं और पुलिस में शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं। मामले की जांच जारी है और विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे प्रस्तुत कर रहे हैं।
दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
एक ओर जहां सरकारी अधिकारी के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए गए हैं, वहीं दूसरी ओर दूसरे पक्ष ने भी अधिकारी के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण दर्ज किए गए हैं, फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजर प्रशासन और सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। आम जनता चाहती है कि विवाद का जल्द समाधान निकले ताकि तहसीलों में सामान्य कामकाज फिर से शुरू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।