CG News: 600 करोड़ की हाईवे परियोजना विवादों में, सड़क मरम्मत के तरीके पर भड़के लोग, जांच की मांग तेज
CG News: सरगुजा संभाग में निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-343 को लेकर नया विवाद सामने आया है। सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब सड़क पर किए जा रहे मरम्मत कार्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
मरम्मत कार्य के तरीके पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का दावा है कि सड़क की मरम्मत के दौरान डामर बिछाने का कार्य मानक प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। वायरल वीडियो में निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे तरीकों को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई है और गुणवत्ता की जांच की मांग की है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर बहस तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में उच्च गुणवत्ता की अपेक्षा थी, लेकिन मौके पर दिखाई दे रहे कार्यों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन से शिकायत, आंदोलन की चेतावनी
मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत सौंपकर जांच की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
निर्माण गुणवत्ता पर लगातार उठ रहे हैं सवाल
लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि सड़क की मजबूती और दीर्घकालिक उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं में लापरवाही बरती जा रही है, अंबिकापुर को झारखंड से जोड़ने वाली यह सड़क परियोजना क्षेत्र की महत्वपूर्ण अधोसंरचना योजनाओं में शामिल है। ऐसे में स्थानीय नागरिक चाहते हैं कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र जांच कराई जाए और जिम्मेदार एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए।
मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल
परियोजना की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी लोगों ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि गुणवत्ता नियंत्रण और निरीक्षण की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने की जरूरत है, ताकि सार्वजनिक धन से बन रही परियोजनाओं में किसी प्रकार की अनियमितता न हो, क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से खराब सड़कों की समस्या झेलने के बाद उन्हें इस परियोजना से काफी उम्मीदें थीं। अब वे चाहते हैं कि निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो, ताकि भविष्य में सड़क टिकाऊ और सुरक्षित साबित हो सके।