CG News: रायपुर में भुगतान विवाद से ठप हुई कचरा कलेक्शन व्यवस्था, शहर में बढ़ा संकट
CG News: रायपुर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। शहर के कई इलाकों में लोग सुबह से कचरे से भरे डस्टबिन लेकर इंतजार करते रहे, लेकिन कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भुगतान विवाद बना वजह
बताया जा रहा है कि नगर निगम और कचरा कलेक्शन एजेंसी के बीच भुगतान विवाद के कारण यह स्थिति बनी है। सफाई व्यवस्था संभाल रही मेसर्स DSW रामकी कंपनी का आरोप है कि नगर निगम ने मार्च 2025 से अब तक करीब 78 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया है, वहीं अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से आंशिक भुगतान किया जा रहा है, जबकि संचालन लागत लगातार बढ़ रही है। इसी बीच कंपनी के ड्राइवरों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
269 गाड़ियां फिर भी सिस्टम ठप
रायपुर और नवा रायपुर से रोजाना करीब 750 टन कचरा निकलता है, जिसे प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाने के लिए 269 वाहन और करीब 800 कर्मचारी काम करते हैं। बावजूद इसके सिस्टम ठप हो गया है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही तो रायपुर में कचरा निपटान का गंभीर संकट पैदा हो सकता है। पुराना डंपिंग एरिया पहले से ही लगभग भर चुका है, जबकि नई जगह पर कचरा डालने पर पर्यावरणीय आपत्तियों का खतरा भी है।
PPP मॉडल के तहत चल रही व्यवस्था
रामकी कंपनी पिछले कई वर्षों से PPP मॉडल के तहत शहर की सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था संभाल रही है। नगर निगम के साथ 15 साल का अनुबंध है, जिसके तहत तय समय के बाद सभी संसाधन निगम को सौंपे जाएंगे।
महापौर का बयान
महापौर मीनल चौबे ने कहा है कि रामकी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत जारी है और जल्द ही समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा, ताकि शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था फिर से सामान्य हो सके।