CG News: बलरामपुर में फर्जी शिक्षक का बड़ा खुलासा, नकली दस्तावेजों से हासिल की सरकारी नौकरी
CG News: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर फर्जी नाम और दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने का आरोप लगा है, जांच में बड़ा खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और जिला शिक्षा अधिकारी ने आरोपी प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। फिलहाल मामले की उच्च स्तरीय जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पूरा मामला बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड का है, जानकारी के मुताबिक 11 अप्रैल को ग्राम पंचायत कुशफर निवासी सत्यनारायण ने जिला कलेक्टर से शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लालमन सिंह नाम का व्यक्ति ग्राम पंचायत कुशफर में सरपंच पद से जुड़ा हुआ है और दूसरी ओर शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हूआ में प्रधान पाठक के पद पर नौकरी भी कर रहा है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि नौकरी पाने के लिए फर्जी दस्तावेज और गलत पहचान का इस्तेमाल किया गया है।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जांच टीम गठित की। जांच के दौरान नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जांच रिपोर्ट के अनुसार शिक्षक का असली नाम रामदुलार पिता जीतू बताया गया, जबकि उसने लालमन पिता रामवृक्ष के नाम से दस्तावेज पेश कर सरकारी नौकरी हासिल की थी।
इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने इसे सरकारी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है।
तत्काल प्रभाव से निलंबित
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना है। वहीं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के तहत कार्रवाई की गई है।
विभागीय जांच जारी
फिलहाल शिक्षा विभाग पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की सख्त कार्रवाई की जा सकती है, इस घटना ने शिक्षा विभाग की भर्ती प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।