CG News: छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में बनेगी कमेटी
CG News: छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में इसके लिए एक कमेटी गठित की जाएगी, जो विभिन्न पक्षों से सुझाव लेकर कानून का ड्राफ्ट तैयार करेगी।
कैबिनेट का बड़ा फैसला
बुधवार को हुई साय कैबिनेट की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया, रिटायर्ड जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी, यह कमेटी आम नागरिकों, संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेगी, तैयार ड्राफ्ट को विधानसभा में पेश किया जाएगा।
UCC लागू करने की जरूरत क्यों?
सरकार के अनुसार, वर्तमान में राज्य में:
• शादी
• तलाक
• उत्तराधिकार
• गोद लेना
• भरण-पोषण
जैसे मामलों में अलग-अलग धर्मों के आधार पर अलग कानून लागू होते हैं।
इससे न्याय प्रक्रिया जटिल हो जाती है।
UCC का उद्देश्य कानून को सरल और समान बनाना है।
देश में UCC की स्थिति
अभी भारत में केवल उत्तराखंड में UCC लागू है, यहां 28 जनवरी 2025 को यह कानून लागू किया गया था।
उत्तराखंड में लागू प्रमुख नियम
• सभी विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
• 60 दिन में रजिस्ट्रेशन नहीं तो जुर्माना
• शादी की न्यूनतम उम्र तय
• तलाक और शादी के नियम सभी पर समान
• लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन जरूरी
• संपत्ति में बेटा-बेटी को समान अधिकार
अन्य राज्यों की स्थिति
गोवा में पहले से ही पुर्तगाली सिविल कोड के तहत समान नागरिक संहिता लागू है, गुजरात में हाल ही में UCC विधेयक 2026 पारित किया गया है।
शरियत कानून का संदर्भ
भारत में मुस्लिम समुदाय के पारिवारिक मामलों में मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरियत) एप्लीकेशन एक्ट 1937 लागू होता है, यह कानून शादी, तलाक, विरासत और परिवार से जुड़े मामलों में शरियत के नियमों को मान्यता देता है, हालांकि, आपराधिक मामलों में सामान्य भारतीय कानून ही लागू होता है।
छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अगर यह कानून लागू होता है, तो राज्य में सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू होगा, जिससे न्याय व्यवस्था सरल और पारदर्शी बनने की उम्मीद है।