MP News: लोकसभा चुनाव 2029: महिला आरक्षण लागू करने की कवायद तेज, मध्य प्रदेश में सीटें बढ़कर 44 होने की संभावना
MP News: केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है, सूत्रों के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, इस बदलाव के तहत एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी और परिसीमन आयोग के जरिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी.
नारी वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक की तैयारी
सरकार “नारी वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक” लाने की तैयारी में है, जिसके जरिए 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण को 2029 चुनाव से पहले लागू किया जा सके, इस प्रस्ताव पर सरकार सभी दलों के साथ सहमति बनाने की कोशिश में जुटी है.
मध्य प्रदेश में 15 सीटों की बढ़ोतरी
इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा असर मध्य प्रदेश पर भी देखने को मिल सकता है, वर्तमान में 29 लोकसभा सीटों वाला मध्य प्रदेश, नए परिसीमन के बाद 44 सीटों तक पहुंच सकता है, यानी प्रदेश में 15 सीटों की बढ़ोतरी संभावित है, इससे न केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि महिलाओं के लिए भी अधिक अवसर खुलेंगे, क्योंकि नई सीटों में एक तिहाई आरक्षण लागू होगा.
अन्य राज्यों में सीटों का विस्तार
देश के कई बड़े राज्यों में भी लोकसभा सीटों में व्यापक बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है, इस प्रस्ताव के तहत, उत्तर प्रदेश की सीटें 80 से बढ़कर 120, महाराष्ट्र की 48 से 72, पश्चिम बंगाल की 42 से 63 और बिहार की 40 से 60 होने की संभावना जताई जा रही है, वहीं अन्य राज्यों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है, जहां छत्तीसगढ़ की सीटें 11 से बढ़कर 17, राजस्थान की 25 से 38, गुजरात की 26 से 39 और ओडिशा की 21 से 32 तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी सीमित लेकिन सुनिश्चित बढ़ोतरी की योजना बनाई जा रही है, ताकि देशभर में प्रतिनिधित्व का संतुलन बेहतर तरीके से कायम रखा जा सके.
SC/ST सीटों में भी बढ़ोतरी
प्रस्ताव के तहत अनुसूचित जाति (SC) की सीटें 84 से बढ़ाकर 126 और अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटें 47 से बढ़ाकर 70 करने की योजना है.
दक्षिण भारत में भी बढ़ेगा प्रतिनिधित्व
दक्षिण भारत के राज्यों में भी लोकसभा सीटों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का प्रस्ताव है, इसके तहत तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59, कर्नाटक की 28 से 42, आंध्र प्रदेश की 25 से 38, केरल की 20 से 30 और तेलंगाना की 17 से 26 होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि, इन राज्यों ने जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के चलते प्रतिनिधित्व के संतुलन को लेकर चिंता भी व्यक्त की है.
क्यों लाया जा रहा संशोधन?
पहले महिला आरक्षण को 2027 की जनगणना के बाद लागू करने की योजना थी, लेकिन देरी की आशंका को देखते हुए सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन कर 2029 चुनाव से पहले इसे लागू करना चाहती है, अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 2029 का लोकसभा चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होगा, खासकर मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में सीटों की बड़ी बढ़ोतरी के साथ महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी भी नए स्तर पर पहुंचेगी.