CG News : PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, कागजों में पूरे दिखाए मकान – ज़मीन पर कुछ भी नहीं!

PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, कागजों में पूरे दिखाए मकान – ज़मीन पर कुछ भी नहीं!

CG News : PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा, कागजों में पूरे दिखाए मकान – ज़मीन पर कुछ भी नहीं!

CG News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रीम योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ का फायदा जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी ताकत झोंक रही है। लेकिन बिलासपुर जिले के तखतपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बांधा में इस योजना को पलीता लगाने वाली बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कागजों में आवास पूर्ण दिखाकर लाखों की राशि निकाल ली गई, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि कई हितग्राही आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।

कलेक्टर से ग्रामीणों ने लगाई न्याय की गुहार

बांधा गांव के ग्रामीणों ने बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिलकर शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि आवास मित्रों और पंचायत कर्मियों ने कागजों में आवास पूर्ण दिखाकर मृत व्यक्तियों के नाम पर भी भुगतान कर दिया और योजना की राशि हड़प ली।

जमीनी हकीकत उजागर – नाम दर्ज, मकान गायब

शिकायत में जिन नामों का उल्लेख किया गया है उनमें कई मृतक भी शामिल हैं। उदाहरणस्वरूप:

  • लैनी बाई की मृत्यु 2016-17 में हो चुकी है, फिर भी उनके नाम से आवास स्वीकृत कर संपूर्ण राशि निकाल ली गई।
  • सरस्वती मरावी को स्वीकृति की जानकारी तक नहीं, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति ने उनकी राशि गबन कर ली।
  • राजेश पिता कन्हैया के नाम से आवास स्वीकृत है, लेकिन हितग्राही का आरोप है कि किसी और ने पूरी राशि निकाल ली।
  • सोना देवी अग्रवाल के नाम पर आवास स्वीकृत है लेकिन निर्माण नहीं हुआ, जियो टैगिंग कर फर्जी तरीके से रकम निकाली गई।

मुख्यमंत्री की चेतावनी – गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी को लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाल ही में मुंगेली में समाधान शिविर के दौरान एक अधिकारी पर कार्रवाई भी की गई थी। मुख्यमंत्री ने दोहराया था कि यदि किसी जिले से शिकायत मिलती है तो ज़िम्मेदार कलेक्टर पर भी कार्रवाई की जाएगी।

अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर

ग्राम पंचायत बांधा में सामने आए इस घोटाले को लेकर प्रशासन पर ग्रामीणों की उम्मीदें टिकी हैं। अब देखना यह होगा कि क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या मामला एक बार फिर फाइलों में दफ्न होकर रह जाएगा।

सरकार की अपील – योजनाओं में पारदर्शिता बरतें, शिकायतों को गंभीरता से लें
इस घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ज़मीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कितनी मजबूत है। ग्रामीणों की शिकायतों को आधार बनाकर जांच शुरू की गई है, जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

 

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