CG News: छत्तीसगढ़ में फायर NOC प्रक्रिया निजी कंपनियों के हाथों, संस्थानों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
CG News: छत्तीसगढ़ में अब तक निःशुल्क मिलने वाली फायर एनओसी प्रक्रिया को निजी कंपनियों को सौंप दिया गया है, नई व्यवस्था के तहत फायर ऑडिट के लिए संस्थानों से भारी शुल्क लिया जा रहा है, जिससे स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है.

निजी कंपनियां करेंगी फायर ऑडिट
अब फायर एनओसी के लिए ऑडिट की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को दी गई है, जो प्रति वर्गफीट 10 रुपए तक शुल्क वसूल रही हैं, अगर किसी भवन का क्षेत्रफल 50 हजार वर्गफीट है, तो उसे हर साल करीब 5 लाख रुपए तक केवल फायर ऑडिट के लिए खर्च करने पड़ सकते हैं.
छोटे संस्थानों के लिए मुश्किल
अंबिकापुर के निजी अस्पताल संचालकों ने इस शुल्क को अधिक बताते हुए कहा है कि, इतनी बड़ी राशि देना छोटे संस्थानों के लिए संभव नहीं है, पहले फायर विभाग की टीम निरीक्षण कर निःशुल्क एनओसी जारी करती थी, अब वही प्रक्रिया निजी कंपनियों के जरिए महंगी हो गई है.
हजारों संस्थान होंगे प्रभावित
सरगुजा क्षेत्र में हजारों स्कूल, अस्पताल और अन्य संस्थान हैं, जिन पर इस नई व्यवस्था का सीधा असर पड़ेगा और खर्च बढ़ेगा, कुछ मामलों में निजी कंपनियों ने अस्पतालों को हजारों रुपए का बिल थमाया है, जिसे लेकर संस्थानों में नाराजगी देखी जा रही है.
एनओसी से सरकार को भी होगा राजस्व
सरकार का कहना है कि, पहले इस प्रक्रिया से कोई आय नहीं होती थी, लेकिन अब कंपनियों के माध्यम से कुछ हिस्सा सरकार को मिलेगा, हालांकि मनमानी पर कार्रवाई की बात भी कही गई है, फायर एनओसी की नई व्यवस्था ने जहां सरकार के लिए राजस्व का रास्ता खोला है, वहीं संस्थानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा दिया है, अब देखना होगा कि, शिकायतों के बाद इस व्यवस्था में क्या सुधार किए जाते हैं.