CG News: दिव्यांग बच्चों के लिए शिक्षकों की भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, छत्तीसगढ़ सरकार को 2 महीने की डेडलाइन
CG News: दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने राज्य में विशेष शिक्षकों के खाली पदों पर नाराजगी जताते हुए पूछा है कि आखिर दिव्यांग छात्रों की पढ़ाई को लेकर इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है, सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि समावेशी शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।
दो महीने में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी की जाए, कोर्ट ने कहा कि योग्य और पात्र अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति का अवसर मिलना चाहिए। साथ ही राज्य सरकार को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और उसकी अनुपालन रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी
यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट ने “राजनीश कुमार पांडेय एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य” मामले की सुनवाई के दौरान दिए, सुनवाई में अदालत ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है और इसके लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित शिक्षकों का होना बेहद जरूरी है।
कोर्ट में रखे गए अहम तथ्य
याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट को बताया गया कि राज्य में विशेष शिक्षकों के बड़ी संख्या में पद खाली पड़े हैं, इसके अलावा कई योग्य शिक्षक वर्षों से संविदा और मानदेय पर काम कर रहे हैं, लेकिन नियमित भर्ती नहीं की जा रही। इस स्थिति का सीधा असर दिव्यांग बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है।
जुलाई 2026 में होगी अगली समीक्षा
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि अगली सुनवाई और समीक्षा जुलाई 2026 में की जाएगी, अदालत यह देखेगी कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर क्या कदम उठाए और दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था में कितना सुधार हुआ।