घर बैठे कमाई का झांसा, लाखों की ठगी: कई राज्यों में सक्रिय साइबर नेटवर्क के तीन सदस्य दबोचे गए
ऑनलाइन कमाई का सपना दिखाकर लोगों से बड़ी रकम ऐंठने वाले एक संगठित साइबर गिरोह पर पुलिस ने शिकंजा कसा है। यह नेटवर्क देश के कई राज्यों में सक्रिय था। जांच के बाद तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। कार्रवाई रायपुर रेंज की साइबर इकाई ने की, जिसने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।
शिकायत से शुरू हुई जांच
दो अलग-अलग पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि उन्हें इंटरनेट के जरिए “वर्क फ्रॉम होम” का प्रस्ताव मिला था। शुरुआत में मामूली टास्क देकर भरोसा पैदा किया गया, फिर निवेश के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर करवाई गई। एक मामले में करीब 24 लाख रुपये और दूसरे में लगभग 34 लाख रुपये की रकम चली गई। जब भुगतान रुक गया और संपर्क टूट गया, तब पीड़ितों को ठगी का एहसास हुआ।
डिजिटल ट्रेल से मिला सुराग
साइबर टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन चैट की तकनीकी जांच की। डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस दूसरे राज्यों तक पहुंची। छापेमारी के बाद तीन लोगों को पकड़ा गया। पूछताछ में और भी खातों और ऑनलाइन चैनलों की जानकारी सामने आई है, जिनकी जांच जारी है।
ठगी का तरीका क्या था?
गिरोह सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क करता था।
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आसान ऑनलाइन टास्क देकर शुरुआत
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शुरुआती भुगतान से भरोसा बनाना
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बड़ी रकम जमा करवाने के बाद अकाउंट ब्लॉक
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नए नाम और नए नंबर से दोबारा जाल बिछाना
इस तरह यह नेटवर्क अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बनाता था।
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काम शुरू करने से पहले फीस की मांग
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OTP या बैंक डिटेल शेयर करने का दबाव
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अनजान लिंक या ऐप डाउनलोड करने को कहना
क्या करें अगर ठगी हो जाए?
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तुरंत 1930 पर कॉल करें
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बैंक को तुरंत सूचित करें
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चैट और ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें
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नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं