CG News : छत्तीसगढ़ धर्मांतरण नेटवर्क मामले में कोड नेम का खुलासा, ट्रैवल वाउचर्स से होता था भुगतान
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के सुकुलदेहन चौकी क्षेत्र में दर्ज मतांतरण मामले की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों को पता चला है कि कथित मिशनरी नेटवर्क में जमीनी स्तर पर काम करने वाले पदाधिकारियों को ‘पाल’ जैसे कोड नेम दिए गए थे और उन्हें ट्रैवल वाउचर्स के जरिए भुगतान किया जाता था। यह पूरा सिस्टम सुनियोजित, संगठित और सामान्य धार्मिक गतिविधियों से कहीं आगे का बताया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में अवैध मतांतरण के आरोपों से जुड़े एक मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और गंभीर तथ्य सामने आ रहे हैं। सुकुलदेहन चौकी क्षेत्र में दर्ज प्रकरण की विवेचना में खुलासा हुआ है कि कथित धर्मांतरण नेटवर्क पूरी तरह संगठित ढांचे पर काम कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि संगठन से जुड़े जमीनी कार्यकर्ताओं और संचालकों को पहचान छिपाने के उद्देश्य से विशेष कोड नेम दिए गए थे। इनमें ‘पाल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था, जिससे यह संकेत मिलता है कि आंतरिक संचार और संचालन को गोपनीय रखने की रणनीति अपनाई गई थी।
8 जनवरी को दर्ज हुआ था मामला
गौरतलब है कि 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर में मिशनरी डेविड चाको के खिलाफ आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने और कथित मतांतरण गतिविधियों को लेकर मामला दर्ज किया गया था। इसी केस की जांच के दौरान यह पूरा नेटवर्क उजागर हुआ है।
ट्रैवल वाउचर्स से होता था भुगतान
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि संगठन के सक्रिय सदस्यों को यात्रा और अन्य गतिविधियों के लिए ट्रैवल वाउचर्स दिए जाते थे। अब यह जांच का विषय है कि ये वाउचर्स ऑनलाइन क्लेम किए जाते थे या नकद भुगतान के रूप में इस्तेमाल होते थे। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी फंडिंग का स्रोत क्या था और पैसा कहां से आता था।
संदिग्ध किताबें और प्रशिक्षण मॉड्यूल जब्त
पुलिस ने इंडिया पेंटाकोस्टल चर्च (IPC) संगठन से जुड़े जोनल कमांडर, जोनल लीडर और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। जांच के दौरान कुछ संदिग्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल से जुड़ी किताबें भी जब्त की गई हैं। इन पुस्तकों में इस्तेमाल की गई शब्दावली, उनके अर्थ और प्रचार की मंशा को लेकर गहन जांच की जा रही है।
विदेशी फंडिंग के एंगल पर भी जांच
जांच एजेंसियां आरोपी डेविड चाको से अमेरिका में अध्यापन के बाद भारत लौटने पर प्राप्त कथित धनराशि को लेकर भी पूछताछ कर रही हैं। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह राशि किस माध्यम से भारत लाई गई, किन खातों में ट्रांसफर हुई और डॉलर को किस प्रक्रिया के तहत अन्य मुद्रा में बदला गया।
फिलहाल पूरा मामला अवैध मतांतरण, विदेशी फंडिंग और संगठित नेटवर्क के एंगल से जांच के घेरे में है। आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।