CG News : राजधानी में 20 लाख वाहन, पर सिर्फ 7 लाख ड्राइविंग लाइसेंस: ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से हर दिन हो रहे हादसे
CG News : राजधानी रायपुर की सड़कों पर हर साल औसतन 25 हजार से ज्यादा नए वाहन उतर रहे हैं, लेकिन इन वाहनों को चलाने वालों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बिना लाइसेंस के वाहन चला रहा है, वह कानून का उल्लंघन कर रहा है। इसके बावजूद राजधानी की सड़कों पर महिलाएं, युवा और किशोर—बिना किसी डर के दोपहिया और चारपहिया वाहनों को दौड़ा रहे हैं
लाइसेंस की कमी और हादसों में बढ़ोतरी का सीधा संबंध
बीते शुक्रवार को तेलीबांधा इलाके में एक कार ने सड़क पार कर रही युवती को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह करीब 20 फीट दूर जा गिरी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जांच में सामने आया कि कार चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस ही नहीं था। यह केवल एक उदाहरण है, राजधानी में हर दिन एक से दो छोटे-बड़े सड़क हादसे ऐसे हो रहे हैं जिनकी वजह अनुभवहीन और लाइसेंसविहीन चालक हैं।
भास्कर की पड़ताल में चौंकाने वाला डेटा
‘भास्कर’ द्वारा की गई पड़ताल में आरटीओ रायपुर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राजधानी में अब तक लगभग 20 लाख छोटे-बड़े वाहन पंजीकृत हो चुके हैं, लेकिन केवल 7 लाख ड्राइविंग लाइसेंस ही जारी किए गए हैं। इसका सीधा अर्थ है कि हर तीन में से दो वाहन चालक बिना लाइसेंस के वाहन चला रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस कार्रवाई में लाइसेंस जांच नहीं प्राथमिकता
वर्तमान ट्रैफिक व्यवस्था में पुलिस की प्राथमिकता रांग साइड चलने, बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और नो-पार्किंग जैसी गतिविधियों पर अधिक है। पिछले 90 दिनों में रायपुर ट्रैफिक पुलिस ने 30 हजार से अधिक चालान काटे, जिनमें:
• 9 हजार नो पार्किंग
• 6 हजार रांग साइड
• 3 हजार बिना हेलमेट वाले
जबकि बिना लाइसेंस के केवल 225 लोगों पर ही कार्रवाई की गई।
यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि बिना लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर कोई ठोस निगरानी या अभियान नहीं चल रहा है।
आईटीएमएस कैमरे से नहीं पकड़े जा सकते ‘बिना लाइसेंस’ चालक
शहर में प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे आईटीएमएस कैमरे ट्रैफिक नियमों की निगरानी के लिए लगे हैं, लेकिन ये केवल सिग्नल तोड़ना, रांग साइड या स्पीड लिमिट उल्लंघन जैसे मामलों को पकड़ सकते हैं। किसी वाहन चालक के पास लाइसेंस है या नहीं—इसकी पहचान ये कैमरे नहीं कर सकते। ट्रैफिक पुलिस भी इन्हीं कैमरों के फुटेज के आधार पर ऑनलाइन चालान भेज रही है।
केवल शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती
लाइसेंस निलंबन की बात करें तो ट्रैफिक विभाग का सारा ध्यान शराबी चालकों पर है। साल 2024 के शुरुआती 90 दिनों में 1200 से अधिक लाइसेंस निलंबन की सिफारिश की गई, जिनमें 756 लाइसेंस निलंबित भी हुए।
अधिकारियों के बयान: क्या कहते हैं जिम्मेदार
गुरजीत सिंह, डीएसपी ट्रैफिक ने कहा,
“रोड पर ट्रैफिक सिस्टम न बिगड़े, इसलिए रांग साइड, ट्रिपल सवारी और हाई स्पीड पर ज्यादा कार्रवाई होती है। लेकिन अब जरूरत है कि बिना लाइसेंस वालों पर भी सख्ती हो।”
आरटीओ अधिकारी के अनुसार,
“हमारे पास ट्रैफिक पुलिस जितना अमला नहीं है, इसलिए कार्रवाई सीमित है। जल्द ही ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर जागरूकता अभियान और लाइसेंस कैंप की योजना बनाई जा रही है।”
समस्या की जड़: लाइसेंस के प्रति उदासीनता
बिना डर के वाहन चलाने की आदत और ट्रैफिक पुलिस की लचर निगरानी से लोगों में लाइसेंस बनवाने की प्रवृत्ति कम हो गई है। जबकि ड्राइविंग लाइसेंस केवल वाहन चलाने की अनुमति ही नहीं, एक कानूनी जिम्मेदारी और सुरक्षा मान्यता है। खासकर युवा वर्ग—बिना लाइसेंस, ट्रैफिक नियमों की जानकारी के बिना, खुद और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहा है।