CG News : पहलगाम आतंकी हमले पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का विवादित बयान, छत्तीसगढ़ का किया जिक्र
CG News : कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। पाकिस्तानी मीडिया से बातचीत में उन्होंने भारत के छत्तीसगढ़ राज्य का जिक्र करते हुए दावा किया कि पहलगाम हमले में पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है।
आसिफ ने कहा कि भारत के भीतर ही कई राज्यों में सरकार के खिलाफ बगावत चल रही है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में जारी नक्सली हिंसा का हवाला देते हुए इसे भारत की आंतरिक समस्या बताया। साथ ही नागालैंड, मणिपुर और कश्मीर में हो रहे विद्रोहों को भी इसी श्रेणी में रखा।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान
ख्वाजा आसिफ ने कहा,
“पाकिस्तान का इस हमले से कोई ताल्लुक नहीं है। यह पूरी तरह से भारत के भीतर उभरती हुई समस्याएं हैं। नागालैंड से लेकर कश्मीर, छत्तीसगढ़ और मणिपुर तक, विभिन्न क्षेत्रों में बगावतें हो रही हैं। लोग अपने हक मांग रहे हैं और भारत की ‘हिंदुत्ववादी सरकार’ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन नहीं करता और भारत में जो भी घटनाएं हो रही हैं, वे पूरी तरह से वहां की आंतरिक स्थिति का परिणाम हैं।
आतंकवाद पर अपने ही देश को घेरा
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही ख्वाजा आसिफ ने ब्रिटिश अखबार द स्काई को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि पाकिस्तान ने पिछले 30 वर्षों में आतंकवादियों को समर्थन और प्रशिक्षण दिया है।
उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने अमेरिका और पश्चिमी देशों के हितों के लिए यह ‘गंदा काम’ किया, जो आज देश के लिए खुद एक बड़ी सजा बन चुका है।
ख्वाजा आसिफ ने कहा,
“अगर हम सोवियत संघ के खिलाफ जंग में शामिल नहीं होते और 9/11 के बाद की परिस्थितियों से दूर रहते, तो पाकिस्तान का रिकॉर्ड आज बेदाग होता।”
पहलगाम हमले में छत्तीसगढ़ के कारोबारी की मौत
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में रायपुर (छत्तीसगढ़) के कारोबारी दिनेश की हत्या कर दी गई। आतंकियों ने दिनेश को उनकी बेटी के सामने गोली मार दी थी, जिससे देशभर में आक्रोश फैल गया।
कौन हैं ख्वाजा आसिफ?
ख्वाजा आसिफ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (PML-N) के वरिष्ठ नेता हैं। उनका जन्म 9 अगस्त 1949 को हुआ था। वह तीसरे नवाज शरीफ मंत्रालय में रक्षा मंत्री और जल एवं बिजली मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा, यूसुफ रज़ा गिलानी सरकार में उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक संसाधन मंत्री के रूप में भी काम किया था। 2008 में कुछ समय के लिए वह खेल मंत्री भी रहे थे।