CG News : महंगी गैस सिलेंडर कीमतें गरीब परिवारों की रसोई का बजट बिगाड़ रही हैं
CG News : कोंडागांव में गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से उज्ज्वला योजना के लाभार्थी परिवारों के लिए रसोई का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। गांधी वार्ड की सरोजी बाई ने बताया कि पिछले महीने गैस सिलेंडर की कीमत 1150 रुपए थी, जो अब बढ़कर 1200 रुपए हो गई है। उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई और घर के अन्य खर्चों के बीच गैस सिलेंडर भरवाना अब कठिन हो गया है, और अब उनका उज्ज्वला योजना के तहत प्राप्त गैस सिलेंडर घर के कोने में पड़ा हुआ है।
गांवों में स्थिति और भी गंभीर
गांवों में स्थिति और भी गंभीर है, क्योंकि वहां सिलेंडर लाने के लिए अतिरिक्त ट्रांसपोर्ट खर्चा भी होता है। गांव से शहर तक गैस सिलेंडर लाने में अतिरिक्त 200 रुपए खर्च होते हैं, जिसके कारण सिलेंडर की कीमत 1300 रुपए तक पहुंच जाती है। कोंडागांव के पास स्थित उसरी गांव की मीना मंडावी, जिनके पति दिहाड़ी मजदूर हैं, अब जंगल से लकड़ी लाने के लिए मजबूर हैं। गर्मी में जंगल की आग और लकड़ी ढोने के जोखिम के बावजूद उन्हें यही तरीका अपनाना पड़ रहा है।
उज्ज्वला योजना का लाभ कम हो रहा है
महिलाओं का कहना है कि उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन मिलने से पहले उनके जीवन में सुधार की उम्मीद थी। धुएं से मुक्ति और समय की बचत का सपना था, लेकिन बढ़ती कीमतों ने इस योजना के लाभ को कम कर दिया है। अब महीना का राशन तो आ जाता है, लेकिन गैस सिलेंडर भरवाना मुश्किल हो गया है।
उज्ज्वला योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को मुफ्त में रसोई गैस उपलब्ध कराना था ताकि बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को इसका लाभ मिल सके, चाहे वे ग्रामीण क्षेत्र में हों या शहरी इलाके में। लेकिन गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतें अब इस योजना के लाभ को प्रभावित कर रही हैं, खासकर उन परिवारों के लिए जो पहले से आर्थिक दबाव में हैं।