CG News : छत्तीसगढ़ में विराजमान हैं भगवान हनुमान के अलौकिक रूप,आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम!
CG News : आज पूरे देशभर में हनुमान जन्मोत्सव की भव्य धूम देखने को मिल रही है। मंदिरों में भव्य सजावट है, घंटियों की मधुर ध्वनि और भक्तों के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। इस पावन दिन पर हम आपको ले चलते हैं छत्तीसगढ़ की धरती पर, जहां हनुमान जी के ऐसे रहस्यमय और प्राचीन स्वरूप विराजमान हैं, जिन्हें देखकर आप भी अचंभित हो जाएंगे।
शिवरीनारायण के काले हनुमान:
जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में स्थित यह हनुमान जी की प्रतिमा लंका दहन के बाद के स्वरूप को दर्शाती है। काले पत्थर से निर्मित इस प्रतिमा पर प्रतिदिन तिल और चमेली के तेल से विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि लंका दहन के समय हनुमान जी का शरीर अग्नि की तपिश से झुलस गया था, और यहां की पूजा उसी थकान को दूर करने के लिए की जाती है।
रतनपुर के देवी स्वरूप हनुमान:
बिलासपुर जिले के रतनपुर के गिरजाबंध मंदिर में दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमा विराजमान है, जिनकी पूजा देवी के रूप में की जाती है। इस प्रतिमा की खास बात यह है कि उनके कंधों पर भगवान राम और लक्ष्मण विराजमान हैं। माना जाता है कि इस मंदिर के निर्माण के बाद राजा पृथ्वी देवजू कुष्ठ रोग से मुक्ति पा गए थे।
नारधा गांव के गोबर वाले हनुमान:
भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र के नारधा गांव में स्थित बाबा रुक्खड़ नाथ महाराज के आश्रम में पश्चिममुखी गोबर से बनी हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित है। इस आश्रम में स्थित अग्निकुंड पिछले 350 वर्षों से लगातार जल रहा है। यह स्थान भक्तों के लिए आस्था का बड़ा केंद्र है, जहां हर सच्ची मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता है।