Chhattisgarh News : माओवादियों ने कर्रेगट्टा की पहाड़ियों में बिछाए सैकड़ों बम, ग्रामीणों को जंगल न जाने की चेतावनी
Chhattisgarh News : छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर स्थित कर्रेगट्टा की पहाड़ियों में माओवादी गतिविधियाँ एक बार फिर से तेज हो गई हैं। वेंकटपुरम एरिया कमेटी के सचिव शांता द्वारा जारी एक चेतावनी भरे पर्चे में खुलासा हुआ है कि माओवादियों ने इलाके में सैकड़ों IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बिछा रखी हैं।
ग्रामीणों को जंगल में न जाने की चेतावनी
तेलुगु भाषा में जारी किए गए इस पर्चे में माओवादियों ने स्थानीय ग्रामीणों से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे कर्रेगट्टा की जंगल और पहाड़ियों में शिकार के लिए न जाएं। पर्चे में दावा किया गया है कि जंगल की सुरक्षा के लिए बम लगाए गए हैं, और यदि कोई ग्रामीण वहां जाता है, तो उसे गंभीर जान का खतरा हो सकता है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
शांता द्वारा जारी पर्चे में यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकारें जमींदारों और पूंजीपतियों के हित में काम कर रही हैं, और किसानों व आदिवासियों की जमीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को सौंपने के लिए जबरन अधिग्रहण कर रही हैं। उन्होंने लिखा है कि सरकार द्वारा की गई ये नीतियाँ जनविरोधी हैं और उनके खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
आमदाई खदान और अन्य संवेदनशील क्षेत्र भी निशाने पर
केवल कर्रेगट्टा ही नहीं, माओवादियों ने बस्तर के नारायणपुर जिले की आमदाई खदान तक जाने वाले रास्तों पर भी बम बिछा रखे हैं। सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने के इरादे से बिछाए गए इन विस्फोटकों की चपेट में अब तक कई निर्दोष ग्रामीण अपनी जान गंवा चुके हैं।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
गौरतलब है कि इससे पहले भी कर्रेगट्टा और उसके आस-पास के इलाकों में IED ब्लास्ट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कई ग्रामीण इस हिंसा का शिकार हुए हैं। अब माओवादियों द्वारा खुद ही पर्चा जारी कर ग्रामीणों को जंगल से दूर रहने की सलाह देना स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर
सूत्रों के मुताबिक, राज्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने इन इनपुट्स को गंभीरता से लेते हुए कर्रेगट्टा, नारायणपुर और अन्य संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। बम निरोधक दस्तों की भी तैनाती की जा रही है ताकि किसी भी संभावित हमले या हादसे को रोका जा सके।