छत्तीसगढ़ में मेडिकल PG सीट आरक्षण विवाद: चरणदास महंत की मांग

चरणदास महंत ने CM को पत्र लिखकर PG मेडिकल सीटों में राज्य कोटा 50% बहाल करने की मांग की। नए नियमों से छात्रों में नाराजगी बढ़ी। सभी विवरण पढ़ें।

 

छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए मेडिकल PG सीटों में 50% आरक्षण की मांग

छत्तीसगढ़ में मेडिकल स्नातकोत्तर (PG) सीटों में राज्य कोटा घटाए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि PG सीटों में कम से कम 50 प्रतिशत सीटें छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए आरक्षित रहनी चाहिए, ताकि स्थानीय छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।

राज्य कोटा घटने से छात्रों में बढ़ी चिंता

महंत के अनुसार, वर्तमान नियमों के लागू होने के बाद राज्य कोटे की सीटें 50% से घटकर 25% ही रह गई हैं। इससे प्रदेश के मेडिकल छात्रों को बड़ा नुकसान होगा।
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि जूनियर डॉक्टर और छात्र प्रतिनिधि उनसे मिलकर अपनी चिंताएं साझा कर चुके हैं, और उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार छात्रहित में निर्णय लेगी।

पत्र में महंत ने क्या कहा?

महंत का कहना है कि –

  • मेडिकल कॉलेजों के छात्रों का राज्य कोटा अचानक 25% तक कम हो जाना उचित नहीं है।

  • पिछले वर्ष की तुलना में यह कमी बेहद ज्यादा है, जिससे स्थानीय छात्रों के अवसर प्रभावित होंगे।

  • उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार करते हुए स्थानीय छात्रों के लिए 50% सीटें सुरक्षित रखी जाएं।

नए नियमों से पीजी एडमिशन सिस्टम में बदलाव

हाल ही में राज्य सरकार ने PG Admission Rules 2025 में संशोधन करते हुए यह प्रावधान कर दिया कि –

  • राज्य कोटे की सीटें 50% से घटाकर 25% कर दी जाएंगी।

  • इससे अब बाहरी राज्यों के छात्रों को भी बड़ी संख्या में प्रवेश का अवसर मिलेगा।

पहले स्थिति यह थी कि –

  • सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50% सीटें स्थानीय छात्रों के लिए सुरक्षित रहती थीं।

  • निजी मेडिकल कॉलेजों में 42.5% स्टेट कोटा, 42.5% मैनेजमेंट कोटा और 15% NRI कोटा होता था।
    अब इस ढांचे में बड़ा बदलाव आ गया है।

2025 का पूर्व नियम अब बना उलझन का कारण

नवंबर 2025 में लागू किए गए पिछले नियमों में कहा गया था कि –
PG एडमिशन का अधिकार केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जिन्होंने छत्तीसगढ़ की हेल्थ साइंस यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस किया हो।
अब नए संशोधन के बाद यह स्पष्ट नहीं है कि इन दोनों नियमों को साथ में कैसे लागू किया जाएगा।
इस वजह से प्रशासन के स्तर पर भी भ्रम की स्थिति बन गई है।

निजी कॉलेजों में सीटों का पूरा विभाजन भी बदलेगा

निजी मेडिकल कॉलेजों में भी सीटों का संतुलन बदलने जा रहा है। उदाहरण के तौर पर –

  • भिलाई मेडिकल कॉलेज

    • कुल सीटें: 57

    • पहले राज्य कोटा: 49

    • अन्य कोटा: 8

  • रायपुर के निजी कॉलेज

    • कॉलेज–1: कुल 63 सीटें (पहले 54 राज्य, 9 अन्य)

    • कॉलेज–2: कुल 66 सीटें (पहले 57 राज्य, 9 अन्य)

अब नए नियम लागू होने के बाद यह पूरा सिस्टम बदल जाएगा।

महंत ने सरकार से तत्काल निर्णय की अपील की

नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि छत्तीसगढ़ के मेडिकल छात्रों को उनके राज्य में PG करने का उचित अवसर मिले, ताकि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी न हो।

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