CG News: छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी सेवाओं का बड़ा बदलाव, 100-108 समेत सभी हेल्पलाइन नंबर होंगे 112 में मर्ज
CG News: छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था जल्द ही एक नए स्वरूप में दिखाई दे सकती है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद विभिन्न इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों को एकीकृत कर केवल डायल-112 के माध्यम से संचालित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
100, 101, 102, 108 समेत कई नंबर होंगे एकीकृत
नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर याद रखने की जरूरत नहीं होगी। सभी सहायता सेवाएं एक ही नंबर 112 के माध्यम से उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है, सड़क दुर्घटनाओं और आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्धारित समय सीमा के भीतर एकीकृत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ में शुरू हुई तैयारी
राज्य स्तर पर इस व्यवस्था को लागू करने के लिए संबंधित विभागों ने तैयारी तेज कर दी है। अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर जारी है और सेवाओं के एकीकरण के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है, छत्तीसगढ़ में डायल-112 सेवा कई वर्षों से संचालित हो रही है। वर्तमान में पुलिस सहायता के साथ कई प्रकार की आपातकालीन शिकायतें इसी प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जाती हैं। अब इसे और व्यापक बनाते हुए अन्य सेवाओं को भी पूरी तरह जोड़ा जाएगा।
कम होगा रिस्पॉन्स टाइम
अलग-अलग विभागों के बीच सूचना हस्तांतरण में लगने वाले समय को कम करने के लिए सभी सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है। इससे घटनास्थल तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया और अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी, नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलने की उम्मीद है। आपात स्थिति में एक कॉल के जरिए पुलिस, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सहायता तेजी से उपलब्ध कराई जा सकेगी।
तकनीक आधारित सिस्टम होगा मजबूत
नई व्यवस्था के तहत जीपीएस आधारित ट्रैकिंग, आधुनिक कॉल मैनेजमेंट सिस्टम और बेहतर समन्वय तंत्र विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे नागरिकों को अधिक प्रभावी और समयबद्ध सहायता मिल सकेगी, विशेषज्ञों का मानना है कि एक नंबर आधारित व्यवस्था तभी सफल होगी जब लोगों को इसकी पूरी जानकारी हो। इसलिए आने वाले समय में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाए जाने की संभावना है।