CG NEWS :करंट में झुलसने से मजदूर की मौत, मुआवजा न मिलने पर परिजनों द्वारा प्रदर्शन
CG NEWS :छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ काम करते वक्त करंट लगने से मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई, इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करने के पश्चात् शव को मार्च्युरी के फ्रीजर में रखा गया है, वहीं परिजनों द्वारा मुआवजा न मिलने डीआरएम ऑफिस के बाहर पिछले 6 दिनों से प्रदर्शन जारी है ,मामला हाईकोर्ट तक पहुँच गया है और परिजनों को हाईकोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद है |
मौत की वजह
दरअसल, घटना छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की है, जहाँ 23 अगस्त को रेलवे के कोचिंग डिपो में वन्दे भारत के एसी की सफाई और मरम्मत का कार्य किया जा रहा था, इसी दौरान जांजगीर चांपा जिले के निवासी, श्रमिक प्रताप बर्मन ओएचई तार के करंट के चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया,हादसे के बाद श्रमिक को अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ आर्थिक सहायता न मिलने से श्रमिक की 28 अगस्त को मृत्यु हो गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया,जहाँ शव को पोस्टमार्टम के पश्चात् मरक्युरी के फ्रीजर में रखा गया, हालांकि शव का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं कराया गया है , वहीं परिजनों द्वारा मुआवजे की मांग पूरी न होने से डीआरएम ऑफिस के बाहर प्रदर्शन जारी है |
रेलवे द्वारा मुआवजा न मिलने पर प्रदर्शन
हादसे के बाद रेलवे प्रशासन व ठेकेदार की तरफ से इलाज के लिए कोई सहायता राशि नहीं प्रदान की गई, डीआरएम ऑफिस के बाहर 26 अगस्त को धरना प्रदर्शन किया गया,लेकिन आर्थिक सहायता न मिलने से श्रमिक की 28 अगस्त को मृत्यु हो गई, जिससे परिजनों में आक्रोश भड़क गया|
हालांकि जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के पश्चात्, रेलवे प्रशासन द्वारा 21 लाख 50 हजार मुआवजा देने की बात कही गई, लेकिन परिजनों ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया |
परिजनों की मांग
परिजनों की मांग है कि, उन्हें मुआवजे के तौर पर 1 करोड़ रूपये दिए जाएँ और साथ हीं पत्नी खुशबू बर्मन को नौकरी देने के साथ ,बच्चों की पढाई का खर्च भी दिया जाए,यही वजह है की परिजन पिछले 6 दिनों से डीआरएम ऑफिस के बाहर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं ,इस हादसे के बाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने रेलवे के इस कड़े रवैये पर नाराजगी जताई थी और तीन दिन के भीतर रेलवे के जीएम को शपथपत्र के साथ जवाब माँगा था, वहीं इस घटना की सुनवाई मंगलवार को होनी है, परिजनों को हाईकोर्ट से न्याय की उम्मीद है |