CG News: छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम, बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ेगी बारिश, बिजली गिरने की चेतावनी
CG News: छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर तेज होने की संभावना है. बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय इलाकों में बन रहे निम्न दबाव के क्षेत्र का असर प्रदेश के मौसम पर दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में कई हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ने के साथ इसकी तीव्रता भी बढ़ सकती है. इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से प्रदेश में बादल छाए रहने और अलग-अलग इलाकों में बारिश होने का अनुमान है.
मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है. दक्षिणी हिस्सों में भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है. राजधानी रायपुर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक वाली बौछारें पड़ने का अनुमान है. बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
पिछले 24 घंटे में कई जगह बारिश
प्रदेश में फिलहाल बारिश का दौर जारी है और बीते 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले समय में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज और चमक की स्थिति बन सकती है. 29 अगस्त को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान लगाया गया था, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई थी.
सामान्य से 2 फीसदी कम बारिश
मौजूदा मानसून सीजन में छत्तीसगढ़ में अब तक कुल बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है. आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सामान्य औसत की तुलना में करीब 2 फीसदी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अभी प्रभावी है. इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण के कारण छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं.
अगले 24 घंटे में सिस्टम की दिशा बदलेगी
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौजूदा मौसम प्रणाली के अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ने की संभावना है. इसके प्रभाव से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है. वहीं, गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है.
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