CG News : बलौदाबाजार में कांग्रेस बैठक के दौरान दो वरिष्ठ नेताओं में तीखी नोकझोंक, पार्टी में गुटबाज़ी फिर उजागर
CG News : रायपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास के घेराव को लेकर बलौदाबाजार ज़िला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक उस समय विवादों में घिर गई जब दो वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। यह बहस हाल ही में हुए विधानसभा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में पार्टी की हार को लेकर शुरू हुई और देखते ही देखते तनातनी का रूप ले बैठी।
सूत्रों के अनुसार, बैठक की शुरुआत में ही नेताओं ने एक-दूसरे पर हार की ज़िम्मेदारी डालनी शुरू कर दी। यह स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों के समर्थकों ने भी एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि, पूर्व ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को किसी तरह शांत किया गया।
वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी, अध्यक्ष का खंडन
इस घटना की जानकारी जब पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक पहुंची, तो वे मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मामला ठंडा पड़ चुका था। जब ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे से इस विवाद पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने किसी भी प्रकार के विवाद को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इसे “सोशल मीडिया की अफवाह” बताया और कहा कि बैठक सामान्य थी।
“शादी-विवाह के सीज़न के कारण कई विधायक और कार्यकर्ता बैठक में शामिल नहीं हो सके, लेकिन बैठक में सामान्य चर्चा ही हुई।”
— सुमित्रा घृतलहरे, ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष
गुटबाज़ी और असंतोष के गहरे संकेत
हालांकि पार्टी के अंदरुनी सूत्रों का कहना है कि ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में असंतोष लगातार बना हुआ है। हालिया चुनावी हार ने पार्टी में गुटबाज़ी को और गहरा कर दिया है, और यह भिड़ंत उसी असंतोष की झलक मानी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम कांग्रेस की आंतरिक खींचतान और नेतृत्व की अनदेखी का प्रतीक है, जिसे अगर समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो आगामी चुनावों में पार्टी को और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।