CG News: सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: 20 मौतें, बॉयलर ब्लास्ट में लापरवाही उजागर, चेयरमैन सहित कई पर FIR

CG News: सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: 20 मौतें, बॉयलर ब्लास्ट में लापरवाही उजागर, चेयरमैन सहित कई पर FIR

CG News: सक्ती वेदांता प्लांट हादसा: 20 मौतें, बॉयलर ब्लास्ट में लापरवाही उजागर, चेयरमैन सहित कई पर FIR

CG News: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ के हैं, जबकि अन्य उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बताए जा रहे हैं। हादसे में 36 लोग झुलसे, जिनमें से 16 का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।

चेयरमैन सहित कई पर FIR दर्ज

मामले में एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि प्लांट प्रबंधन समेत 8-10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसमें अनिल अग्रवाल और प्लांट हेड देवेंद्र पटेल के नाम भी शामिल हैं।

जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही

औद्योगिक सुरक्षा विभाग की शुरुआती जांच में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्पादन बढ़ाने की जल्दबाजी में बॉयलर का लोड अचानक बढ़ाया गया, जिससे यह हादसा हुआ।

बॉयलर में फ्यूल जमा, बना तेज प्रेशर

जांच में पाया गया कि बॉयलर फर्नेस के अंदर अधिक मात्रा में फ्यूल जमा हो गया था, जिससे अचानक अत्यधिक दबाव बना। इसी दबाव के चलते बॉयलर का निचला पाइप अपनी स्थिति से हट गया और जोरदार विस्फोट हो गया। FSL रिपोर्ट में भी इसी कारण की पुष्टि हुई है।

1-2 सेकेंड में बढ़ा दबाव, नहीं मिला कंट्रोल का समय

14 अप्रैल को दोपहर 2:33 बजे हुए इस हादसे में दबाव 1-2 सेकेंड के भीतर तेजी से बढ़ा। इतनी कम अवधि में सिस्टम को बंद करना संभव नहीं हो पाया और अंदरूनी ब्लास्ट ने बाहरी पाइपलाइन को भी चपेट में ले लिया।

उत्पादन बढ़ाने के चक्कर में बढ़ा लोड

बताया जा रहा है कि एक घंटे में उत्पादन दोगुना करने के लिए बॉयलर का लोड 350 मेगावाट से बढ़ाकर करीब 590 मेगावाट कर दिया गया। इतनी तेज वृद्धि ने सिस्टम पर दबाव बढ़ा दिया, जिससे हादसा हुआ।

तकनीकी खामियां भी आईं सामने

जांच में पीए फैन की खराबी, अनबर्न फ्यूल, पाइपिंग सिस्टम फेल होना और बैकअप सिस्टम के समय पर काम न करने जैसी कई तकनीकी खामियां भी सामने आई हैं, घटना के बाद उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने रायगढ़ पहुंचकर घायलों का हाल जाना। वहीं चरण दास महंत और दीपक बैज ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की।

मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें हादसे के कारण, जिम्मेदार लोग और भविष्य में रोकथाम के उपायों की जांच की जाएगी।

किन बिंदुओं पर होगी जांच

• हादसा कब और कैसे हुआ
• इसके लिए कौन जिम्मेदार है
• तकनीकी या मानवीय कारण क्या रहे
• मृतक और घायलों की पूरी जानकारी
• प्लांट निरीक्षण और पहले की खामियां
• भविष्य में रोकथाम के उपाय

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