CG News: छत्तीसगढ़ में दुर्लभ टाउंस-ब्रॉक्स सिंड्रोम का मामला, दुनिया का 9वां मरीज रायपुर में मिला

CG News: छत्तीसगढ़ में दुर्लभ टाउंस-ब्रॉक्स सिंड्रोम का मामला, दुनिया का 9वां मरीज रायपुर में मिला

CG News: छत्तीसगढ़ में दुर्लभ टाउंस-ब्रॉक्स सिंड्रोम का मामला, दुनिया का 9वां मरीज रायपुर में मिला

CG News: छतीसगढ़ में बेहद दुर्लभ अनुवांशिक बीमारी टाउंस-ब्रॉक्स सिंड्रोम का मामला सामने आया है, राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में इस बीमारी से पीड़ित एक बच्चे का इलाज किया जा रहा है, डॉक्टरों के अनुसार यह दुनिया का नौवां दर्ज मामला बताया जा रहा है, जिससे इसे “रेयर ऑफ रेयरेस्ट” बीमारी माना जाता है, इस दुर्लभ बीमारी की पहचान वर्ष 1972 में वैज्ञानिक फिलिप एल. टाउंस और एरिक ब्रॉक्स ने की थी, इसी कारण इस बीमारी का नाम टाउंस-ब्रॉक्स सिंड्रोम रखा गया.

8 साल के बच्चे में पाए गए कई शारीरिक विकार

डॉक्टरों के अनुसार मरीज की उम्र करीब 8 वर्ष है, बच्चे के कान की बनावट असामान्य है, जिसके कारण उसे सुनने में परेशानी हो रही है, इसके अलावा हाथ-पैर के अंगूठों की बनावट में भी विकृति पाई गई है और किडनी भी सामान्य रूप से काम नहीं कर रही है, इसी वजह से बच्चे का इलाज अस्पताल के किडनी रोग विभाग में किया जा रहा है, फिलहाल इलाज के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 15 दिन बाद फॉलोअप के लिए बुलाया गया है.

टाउंस ब्रॉक्स सिंड्रोम.. छत्तीसगढ़ में मिला दुनिया का 9वां केस, आंबेडकर अस्पताल में हो रहा इलाज | Touns Brox Syndrome Patients Worlds 9th Case Found In Chhattisgarh

जन्म के समय से हीं मौजूद

डॉक्टरों के अनुसार यह एक दुर्लभ आनुवांशिक बीमारी है, जिसमें शरीर के कई अंग प्रभावित होते हैं, कान, अंगूठे और किडनी के अलावा कई मामलों में गुदा से संबंधित असामान्य विकार भी देखने को मिलता है, यह बीमारी माता-पिता से विरासत में मिलती है और जन्म के समय से ही बच्चे में मौजूद रहती है, वैज्ञानिकों के अनुसार यह सेल जीन में परिवर्तन के कारण होती है.

हियरिंग एड से सुनने में मदद

इस बीमारी में सुनने की क्षमता काफी प्रभावित होती है, इसलिए मरीज को हियरिंग एड की मदद से सुनने में सहायता दी जाती है, डॉक्टरों का कहना है कि, प्रदेश में मिले इस मरीज को भी हियरिंग एड की जरूरत पड़ेगी, बीमारी की पहचान शारीरिक लक्षणों और जेनेटिक जांच के आधार पर की जाती है.

बीमारी के प्रमुख लक्षण

इस बीमारी में आमतौर पर कान का असामान्य आकार और सुनने की क्षमता में कमी, गुदा का अवरुद्ध या असामान्य होना, अंगूठे की बनावट में विकृति और किडनी के कामकाज में समस्या जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं.

डॉक्टरों ने दी जानकारी

अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत गुप्ता ने बताया कि, अस्पताल में भर्ती हुआ यह मरीज टाउंस-ब्रॉक्स सिंड्रोम का बेहद दुर्लभ मामला है, इलाज के बाद बच्चे को फिलहाल छुट्टी दे दी गई है और 15 दिनों बाद जांच के लिए फिर से बुलाया गया है, उन्होंने बताया कि, मरीज की किडनी में भी गंभीर समस्या पाई गई है, जिस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है.

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