CG News: छत्तीसगढ़ प्रीमियम शराब दुकानों पर बड़ा बदलाव, 1 अक्टूबर से कैशलेस होगी बिक्री
CG News: में प्रीमियम शराब दुकानों पर शराब खरीदने वाले ग्राहकों के लिए भुगतान व्यवस्था बदलने जा रही है. आबकारी विभाग ने प्रदेश की सभी 49 प्रीमियम शराब दुकानों को कैशलेस करने का फैसला लिया है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद ग्राहक इन दुकानों पर शराब खरीदने के लिए नकद रकम नहीं दे सकेंगे. इसके बजाय उन्हें क्यूआर कोड स्कैन करके डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा. विभाग के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से लागू होगी.
QR Code से करना होगा भुगतान
नई व्यवस्था के तहत प्रीमियम शराब दुकानों पर खरीदारी के समय ग्राहक को उपलब्ध कराए गए क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा. इसके बाद ऑनलाइन पेमेंट के जरिए बिल की राशि का भुगतान किया जा सकेगा. आबकारी विभाग का मानना है कि डिजिटल भुगतान शुरू होने से शराब बिक्री की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखना आसान होगा. साथ ही हर ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिससे लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है.
ओवररेटिंग रोकने पर रहेगा फोकस
कैशलेस व्यवस्था लागू करने के पीछे सबसे बड़ी वजह शराब की तय कीमत से ज्यादा रकम वसूलने यानी ओवररेटिंग की शिकायतों पर लगाम लगाना है. प्रीमियम दुकानों पर ग्राहकों से निर्धारित दर से अधिक पैसे लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं. डिजिटल भुगतान होने पर ग्राहक के पास भुगतान का स्पष्ट रिकॉर्ड मौजूद रहेगा. इससे शिकायत मिलने पर विभाग के लिए वास्तविक बिक्री मूल्य और ग्राहक से ली गई रकम की जांच करना आसान हो सकता है.
हर बिक्री का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
आबकारी विभाग के इस कदम से दुकानों पर होने वाले लेनदेन को डिजिटल सिस्टम में दर्ज करने में मदद मिलेगी. नकद भुगतान की जगह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन होने से बिक्री और भुगतान के बीच निगरानी बेहतर हो सकेगी. किसी ग्राहक को अगर तय कीमत से ज्यादा भुगतान करना पड़ा, तो उसके पास ऑनलाइन पेमेंट का प्रमाण भी रहेगा. विभाग इसी डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए ओवररेटिंग जैसी शिकायतों की जांच को अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी में है.
1 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था
प्रदेश की सभी 49 प्रीमियम शराब दुकानों पर कैशलेस भुगतान व्यवस्था 1 अक्टूबर 2026 से शुरू की जाएगी. यानी इस तारीख के बाद इन दुकानों पर शराब खरीदते समय ग्राहकों को नकद भुगतान की सुविधा नहीं मिलेगी. आबकारी विभाग को उम्मीद है कि डिजिटल पेमेंट व्यवस्था से बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और तय कीमत से ज्यादा वसूली जैसी शिकायतों पर नियंत्रण किया जा सकेगा. नई व्यवस्था लागू होने के बाद इसका असर बिक्री व्यवस्था और ग्राहकों के अनुभव पर भी देखने को मिलेगा.