CG News: लोकसभा चुनाव 2029: महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी, छत्तीसगढ़ में सीटें बढ़कर 17 होने की संभावना
CG News: केंद्र सरकार 2029 के लोकसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है, सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसमें एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
2029 से पहले लागू करने की तैयारी
सरकार “नारी वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक” लाने की तैयारी में है, इसके तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण को 2029 चुनाव से पहले लागू करने की कोशिश की जा रही है, इस प्रस्ताव पर सभी दलों के बीच सहमति बनाने की प्रक्रिया भी जारी है.
छत्तीसगढ़ पर खास असर
इस प्रस्ताव का छत्तीसगढ़ पर भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है, वर्तमान में 11 लोकसभा सीटों वाला छत्तीसगढ़, नए परिसीमन के बाद 17 सीटों तक पहुंच सकता है, यानी राज्य में 6 सीटों की बढ़ोतरी संभावित है, इससे प्रदेश में राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और महिलाओं को भी अधिक अवसर मिलेंगे, क्योंकि कुल सीटों का एक तिहाई हिस्सा आरक्षित होगा.
बड़े राज्यों में सीटों का विस्तार
देश के बड़े राज्यों में लोकसभा सीटों में बड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है, इसके तहत उत्तर प्रदेश की सीटें 80 से बढ़कर 120, महाराष्ट्र की 48 से 72, पश्चिम बंगाल की 42 से 63 और बिहार की 40 से 60 होने की संभावना है, वहीं अन्य राज्यों को भी इसका लाभ मिल सकता है, जहां मध्य प्रदेश की सीटें 29 से बढ़कर 44, राजस्थान की 25 से 38, गुजरात की 26 से 39 और ओडिशा की 21 से 32 तक पहुंचने की उम्मीद है.
SC/ST सीटों में भी बढ़ोतरी
प्रस्ताव के अनुसार अनुसूचित जाति (SC) की सीटें 84 से बढ़कर 126 और अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटें 47 से बढ़कर 70 हो सकती हैं.
दक्षिण भारत में भी बदलाव
दक्षिण भारत के राज्यों में भी लोकसभा सीटों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का प्रस्ताव सामने आया है, इसके तहत तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59, कर्नाटक की 28 से 42, आंध्र प्रदेश की 25 से 38, केरल की 20 से 30 और तेलंगाना की 17 से 26 होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि, जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के कारण इन राज्यों ने प्रतिनिधित्व के संतुलन को लेकर चिंता भी व्यक्त की है.
क्यों लाया जा रहा संशोधन?
पहले महिला आरक्षण को 2027 की जनगणना के बाद लागू करने की योजना थी, लेकिन देरी की आशंका को देखते हुए सरकार अब 2011 की जनगणना के आधार पर ही परिसीमन कर 2029 चुनाव से पहले इसे लागू करना चाहती है, अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 2029 का लोकसभा चुनाव ऐतिहासिक हो सकता है, खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में सीटों की बढ़ोतरी और महिला आरक्षण के साथ राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.