CG News: बिलासपुर सिम्स की अव्यवस्थाओं पर हाईकोर्ट सख्त, AI से तैयार शपथ पत्र जैसी रिपोर्ट पर जताई नाराजगी
CG News: बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में अव्यवस्थाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से कड़ी नाराजगी जताई. चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से पेश शपथ पत्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें कई बातें एक जैसी दोहराई गई हैं, जिससे यह एआई से तैयार दस्तावेज जैसा प्रतीत होता है.
हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि यदि अस्पताल की व्यवस्था वास्तव में इतनी बेहतर होती, तो मामला अदालत तक नहीं पहुंचता. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शासन या विभाग जमीनी हकीकत छिपाकर अदालत को गुमराह करने की कोशिश न करे. इससे पहले कोर्ट कमिश्नर भी शपथ पत्र को लेकर इसी तरह की आशंका जता चुके थे.
मशीनों की खरीद पर पेश हुई रिपोर्ट
सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) की ओर से भी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश की गई. रिपोर्ट में बताया गया कि सिम्स के लिए 31 अत्याधुनिक मशीनों की खरीद प्रक्रिया चल रही है, जिनमें से 13 मशीनें अस्पताल को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं.
खरीद प्रक्रिया जारी
रिपोर्ट के अनुसार, दो मशीनों के लिए जून में ही परचेज ऑर्डर जारी किया जा चुका है. दो अन्य मशीनों की लागत को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ऑर्डर जारी किया जाएगा. वहीं, दो मशीनें तकनीकी परीक्षण के चरण में हैं. परीक्षण पूरा होने के बाद वित्तीय बोली खोली जाएगी. इसके अलावा दो मशीनों के टेंडर का मूल्यांकन जारी है, जबकि छह मशीनों के लिए 9 जुलाई को बिड खोली जानी है.
अगली सुनवाई में मांगी प्रगति रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर लगातार नजर रखी जाएगी. अदालत ने संबंधित विभागों को कार्यों की प्रगति पारदर्शी ढंग से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.