CG News : चार साल बाद मिला मुआवजे का चेक तीन बार बाउंस, रिश्वतखोरी का आरोप, किसानों में आक्रोश

CG News : चार साल बाद मिला मुआवजे का चेक तीन बार बाउंस, रिश्वतखोरी का आरोप, किसानों में आक्रोश

CG News : चार साल बाद मिला मुआवजे का चेक तीन बार बाउंस, रिश्वतखोरी का आरोप, किसानों में आक्रोश

CG News : भेजीपदर डायवर्जन सिंचाई परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन मुआवजे को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। चार साल बाद जारी किया गया मुआवजे का चेक जब बार-बार बाउंस होने लगा, तो किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीएम कार्यालय का एक बाबू चेक क्लियरेंस के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा है।

तीन बार बाउंस हुआ चेक, रिश्वत नहीं दी तो नहीं मिला पैसा

अमलीपदर निवासी किसान शिवकुमार मिश्रा को अप्रैल 2024 में 13.63 लाख रुपये का मुआवजा चेक जारी किया गया था। उनके बेटे आदित्य मिश्रा के अनुसार, यह चेक अब तक तीन बार – 24 अप्रैल, 1 मई और 6 मई को – बाउंस हो चुका है। आदित्य का दावा है कि बैंक ऑफ बड़ौदा, मैनपुर शाखा में उन्होंने कई बार प्रयास किया, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। उनका आरोप है कि जिन्होंने एसडीएम कार्यालय के बाबू को रिश्वत दी, उनके चेक आसानी से क्लियर हो गए, जबकि उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया, इसलिए उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला।

20 बार लगा चुके हैं दफ्तर के चक्कर

पीड़ित किसान आदित्य मिश्रा का कहना है कि वह अपने पिता की राशि क्लियर कराने के लिए अमलीपदर से मैनपुर तक करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर अब तक 20 बार दफ्तर का चक्कर काट चुके हैं। लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने लिया संज्ञान

जैसे ही मामले की जानकारी जिला पंचायत अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप को मिली, वह तुरंत मैनपुर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उस समय प्रभारी एसडीएम तुलसीदास मरकाम अपने मूल कार्यालय देवभोग में मौजूद थे। अध्यक्ष ने फोन पर उन्हें पूरी जानकारी दी, जिस पर मरकाम ने तत्काल जांच के आदेश दिए और चेक जल्द क्लियर कराने का आश्वासन दिया।

“सरकार की छवि हो रही खराब”: अध्यक्ष कश्यप

अध्यक्ष गौरी शंकर कश्यप ने कहा, “इस तरह की घटनाएं सरकार की छवि को धूमिल करती हैं। ऐसे मामलों में शीघ्र निराकरण बेहद आवश्यक है।” उन्होंने सभी लंबित मुआवजा भुगतानों को जल्द निपटाने की बात कही।

अब भी 300 किसान कर रहे हैं इंतजार

भेजीपदर, छैला और रता खंड परियोजनाओं के तहत 745 किसानों की कुल 135.21 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की गई थी। इसके बदले सरकार द्वारा 157.96 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया गया था। अब तक 207 किसानों को लगभग 125 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, लेकिन 300 से अधिक किसान अब भी लगभग 30 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए भटक रहे हैं।

प्रभारी एसडीएम का बयान

प्रभारी एसडीएम तुलसीदास मरकाम ने कहा कि, “चेक बाउंस होना गंभीर विषय है। इसकी जांच की जाएगी और जिन कमियों के कारण यह हुआ है, उन्हें दूर किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। बाकी लंबित मामलों की जानकारी लेकर समाधान किया जाएगा।”

Related Post

Circuit not found — Panel21
404 · OPEN CIRCUIT

Nothing wired to this address.

The page you asked for isn't on the panel. Head back to the main bus.

Return home