CG News : बिलासपुर में NSS कैंप में ‘नमाज पढ़ाने’ का विवाद गहराया, यूनिवर्सिटी में 6 घंटे तक ABVP का प्रदर्शन

CG News : बिलासपुर में NSS कैंप में 'नमाज पढ़ाने' का विवाद गहराया, यूनिवर्सिटी में 6 घंटे तक ABVP का प्रदर्शन

CG News : बिलासपुर में NSS कैंप में ‘नमाज पढ़ाने’ का विवाद गहराया, यूनिवर्सिटी में 6 घंटे तक ABVP का प्रदर्शन

CG News : गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक NSS कैंप में नमाज पढ़ाए जाने के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। हिंदू संगठनों और ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) ने इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में लगातार 6 घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान रजिस्ट्रार कार्यालय में बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

क्या है पूरा मामला?
आरोप है कि NSS कैंप में शामिल कुछ हिंदू छात्रों को जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। इस आरोप के बाद ABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। छात्र संगठनों का कहना है कि कैंप के आयोजकों ने धार्मिक सीमाओं को पार किया और सनातन संस्कृति को ठेस पहुंचाई।

कुलपति से मांगी जवाबदेही, यूनिट भंग
मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल को खुद प्रदर्शनकारियों के बीच आना पड़ा। उनकी मौजूदगी में विश्वविद्यालय ने कई अहम निर्णय लिए:

NSS की स्थानीय ईकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया। सभी 12 कोऑर्डिनेटरों को पद से मुक्त किया गया। पहले मुख्य कोऑर्डिनेटर को हटाया गया, फिर पूरी यूनिट को समाप्त किया गया। एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है, जो 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी।

छात्रों के बयान दर्ज होंगे

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 159 छात्रों को बयान देने के लिए बुलाया है। प्रो. राजेंद्र मेहता को नया समन्वयक नियुक्त किया गया है जो इस जांच की निगरानी कर रहे हैं।

हालांकि ABVP का आरोप है कि मुस्लिम छात्रों के जरिए अन्य छात्रों पर बयान देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

“यह सिर्फ एक धार्मिक गतिविधि नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति पर हमला है। जो शिक्षक दोषी हैं, उन्हें बर्खास्त किया जाए और कुलपति को माफी मांगनी चाहिए।”
— ABVP छात्र नेता

अब तक सिर्फ 4 छात्र सामने आए
विवाद के बीच अब तक केवल 4 छात्रों ने बयान दिया है, जबकि बाकी 155 छात्र चुप हैं। छात्रों का दावा है कि प्रशासन और शिक्षकों की ओर से दबाव बनाया जा रहा है, जिससे वे सामने नहीं आ पा रहे।

भविष्य के लिए दिशा-निर्देश की मांग
प्रदर्शन के दौरान ABVP ने यह भी मांग की कि भविष्य में किसी भी धार्मिक गतिविधि को विश्वविद्यालय के कैंप या शैक्षणिक कार्यक्रमों में स्थान न दिया जाए। दिनभर विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

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