CG News : बस्तर में निर्णायक ऑपरेशन: टॉप कमांडरों के खात्मे और आत्मसमर्पण से नक्सलवाद को तगड़ा झटका
CG News : छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों का एंटी नक्सल ऑपरेशन लगातार तीसरे दिन भी जारी है। इस अभियान में अब तक 4 नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है, जिनमें दो टॉप कमांडर शामिल हैं। शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में 45 लाख के इनामी नक्सली भास्कर को मार गिराया। इससे पहले एक करोड़ का इनामी केंद्रीय कमेटी सदस्य सुधाकर भी मारा गया था। इस ऑपरेशन में जवानों ने ऑटोमैटिक हथियारों समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद भी जब्त किया है।
भास्कर और सुधाकर – दो बड़े चेहरों का अंत
नक्सली भास्कर मंचेरियल कोमाराम भीम डिवीजनल कमेटी (DVC) का सदस्य और सचिव था, जो मूल रूप से आंध्रप्रदेश के आदिलाबाद का निवासी था। उसकी गिरफ्तारी या मौत के लिए तेलंगाना व छत्तीसगढ़ पुलिस लंबे समय से प्रयासरत थी। वहीं, सुधाकर उर्फ नर सिंहाचलम नक्सलियों के शिक्षा विभाग का प्रमुख था और केंद्रीय कमेटी का सदस्य था। उस पर भी 1 करोड़ का इनाम घोषित था। वह आंध्रप्रदेश के चिंतापालुडी गांव का रहने वाला था और तेलंगाना, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कई वारदातों का वांछित आरोपी था।
सुरक्षा एजेंसियों को खुफिया जानकारी मिली थी कि नेशनल पार्क क्षेत्र में बड़े नक्सली कैडरों की मौजूदगी है। इसी सूचना पर डीआरजी, एसटीएफ और कोबरा बल की संयुक्त टीमों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई, जिसमें जवानों ने दो बड़े नक्सलियों को मार गिराया।
प्रेस इंचार्ज की मौजूदगी और अन्य शीर्ष नक्सली भी घेरे में
बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों की तेलंगाना स्टेट कमेटी के प्रेस इंचार्ज बंडी प्रकाश समेत अन्य बड़े कैडर भी मौके पर मौजूद थे। हालांकि, मुठभेड़ के दौरान कई नक्सली जंगलों की ओर भाग निकले, जिनकी तलाश अब भी जारी है। जवानों को मारे गए नक्सलियों के शव के साथ-साथ अत्याधुनिक हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।
दंतेवाड़ा में 7 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
दूसरी ओर, दंतेवाड़ा जिले में सरकार की पुनर्वास नीति के तहत 7 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें दो पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वालों में जुगलू उर्फ सुंडुम कोवासी, दशा उर्फ बुरकू पोड़ियाम, भोजा राम माड़वी, लखमा उर्फ सुती, रातू उर्फ ओठे, सुखराम पोड़ियाम और पंडरू राम पोड़ियाम शामिल हैं। ये सभी माओवादी अलग-अलग आरपीसी (रेजिनल पार्टी कमेटी) क्षेत्रों में सक्रिय थे और नक्सली बंद के दौरान रोड काटने, बैनर-पोस्टर लगाने और हिंसक गतिविधियों में शामिल रहे।सरेंडर करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार की आर्थिक सहायता, स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग और कृषि भूमि जैसे लाभ दिए जाएंगे।
ऑपरेशनों में तेजी, मार्च 2026 की डेडलाइन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की डेडलाइन देने के बाद बस्तर समेत अन्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई और अधिक आक्रामक हो गई है। इससे पहले 21 मई 2025 को हुई मुठभेड़ में 27 नक्सली मारे गए थे, जिनमें 1.5 करोड़ का इनामी बसवराजू भी शामिल था। उससे 7 दिन पहले कर्रेगुट्टा पहाड़ियों में 24 दिन चले ऑपरेशन में 31 नक्सलियों को ढेर किया गया था।
बस्तर की धरती से नक्सलवाद की जड़ें उखड़ रहीं
लगातार हो रही मुठभेड़ों, टॉप कमांडरों की मौत और नक्सलियों के आत्मसमर्पण से स्पष्ट है कि बस्तर में नक्सलवाद की पकड़ अब कमजोर पड़ रही है। सुरक्षाबलों का हौसला बुलंद है और रणनीतिक कार्रवाई ने आतंक के लंबे दौर को अब अंतिम मोड़ पर ला खड़ा किया है। केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित नीति, सेना का साहस और जनता का सहयोग मिलकर बस्तर को शांति और विकास की दिशा में आगे ले जा रहा है।