CG News : छत्तीसगढ़ में ई-कॉमर्स और निर्यात को मिलेगा बढ़ावा, हजारों रोजगार के अवसर!
CG News : छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी लॉजिस्टिक नीति लागू कर दी है, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करना और व्यापार, निवेश व रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए खुले रास्ते
यह नई नीति राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए छत्तीसगढ़ में निवेश के नए द्वार खोलेगी। इसके साथ ही, किसानों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और गोदामों के निर्माण को बढ़ावा मिलने से उन्हें सस्ती और सुलभ भंडारण सुविधाएँ मिलेंगी, जो कृषि क्षेत्र को मजबूत करेगा और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सबसे अहम बात ये है कि छत्तीसगढ़ को इस नई नीति का फ़ायदा भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते से भी मिलेगा. लॉजिस्टिक नीति में ऐसे कई नियम शामिल हैं जो विदेशी कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए खींचेंगे, और इससे आने वाले समय में हज़ारों नई नौकरियाँ पैदा होंगी.
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छत्तीसगढ़ विज़न @2047′ की परिकल्पना
यह नीति ‘अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न @2047’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसका एक प्रमुख उद्देश्य लॉजिस्टिक्स संचालन को अधिक लागत-कुशल और प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में लॉजिस्टिक्स लागत को कम किया जा सके। उच्च लॉजिस्टिक्स लागत अक्सर व्यापार और आर्थिक विकास में बाधा डालती है।
नीति में अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स और मल्टीमॉडल अवसंरचना के विकास को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें विभिन्न प्रकार की लॉजिस्टिक्स सुविधाओं का विकास शामिल है। यह राज्य की लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत करेगा और व्यापार संचालन को सुगम बनाएगा।
राज्य और जिला स्तर पर समितियाँ
नीति के सफल कार्यान्वयन के लिए, राज्य और जिला स्तर पर अलग-अलग समितियाँ गठित की जाएंगी। राज्य स्तर पर गठित समिति के अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे, जबकि जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति बनेगी।
निर्यात प्रोत्साहन और भंडारण सुविधा में वृद्धि
इस नीति में निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत ड्राइ पोर्ट/इन्लैन्ड कंटेनर डिपो स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, वन-आधारित संसाधनों, वनोपज और वनौषधि उत्पादों के निर्यात के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। नीति का लक्ष्य युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और राज्य को लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग के क्षेत्रीय हब के रूप में विकसित करना है।