CG News: छत्तीसगढ़ को मिलने वाला है नया स्थायी DGP – UPSC ने भेजी तीन नामों की सूची, अंतिम फैसला जल्द
CG news: छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के सबसे महत्वपूर्ण पद — स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर हलचल तेज हो गई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राज्य सरकार को तीन वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारियों के नामों की स्वीकृति दे दी है, जिनमें से किसी एक को प्रदेश का अगला डीजीपी नियुक्त किया जाएगा।
ये हैं DGP पद की रेस में शामिल तीन दावेदार
अरुण देव गौतम (IPS)
पवन देव (IPS)
जीपी सिंह (IPS) फिलहाल अरुण देव गौतम राज्य के कार्यवाहक डीजीपी के रूप में 4 फरवरी 2025 से जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके पास नगर सेना, नागरिक सुरक्षा और लोक अभियोजन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का भी प्रभार रहा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक लॉबिंग भी जोरों पर
तीनों अधिकारियों के नाम सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में सक्रियता बढ़ गई है: अरुण देव गौतम को छत्तीसगढ़ के कई प्रभावशाली नेताओं का समर्थन प्राप्त है। पवन देव को बिहार के राजनीतिक दायरे से समर्थन मिल रहा है। जीपी सिंह के पक्ष में न केवल राज्य बल्कि दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी और राजनेता भी लॉबिंग कर रहे हैं।
UPSC की सूची, सुप्रीम कोर्ट का दिशानिर्देश
2006 में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय के अनुसार: राज्य सरकार को UPSC द्वारा भेजी गई तीन वरिष्ठतम आईपीएस अधिकारियों की सूची में से ही डीजीपी चुनना अनिवार्य है। एक बार नियुक्त होने के बाद, डीजीपी को कम से कम दो वर्षों का कार्यकाल दिया जाना अनिवार्य होगा – भले ही सेवानिवृत्ति की तिथि निकट क्यों न हो।इससे पारदर्शिता, निष्पक्षता और स्थायित्व को सुनिश्चित किया जा सकेगा।
योग्यता की शर्तें
डीजीपी पद के लिए भारतीय पुलिस सेवा में कम से कम 30 वर्ष की सेवा आवश्यक है। हालांकि छोटे राज्यों में यह सीमा 25 वर्ष तक हो सकती है, मगर छत्तीसगढ़ जैसे बड़े राज्य में यह अपवाद लागू नहीं होता।
स्थायी DGP की आवश्यकता क्यों है?
स्थायी डीजीपी केवल एक प्रशासनिक पद नहीं होता — वह राज्य की कानून व्यवस्था की दिशा तय करने वाला शीर्ष अधिकारी होता है।
अस्थायी नियुक्तियों के कारण दीर्घकालिक योजनाओं पर असर पड़ता है, इसीलिए: छत्तीसगढ़ में लंबे समय से एक स्थायी, अनुभवी और प्रभावशाली डीजीपी की माँग की जा रही थी।
यह नियुक्ति राज्य पुलिस बल में सुधार, स्थायित्व और भविष्य की योजना को मजबूत आधार देगी।
क्या है अगला कदम?
UPSC द्वारा भेजी गई अनुशंसा सूची अब मुख्यमंत्री सचिवालय के पास पहुंच चुकी है।सरकार जून माह तक किसी एक नाम पर अंतिम मुहर लगा सकती है। छत्तीसगढ़ अब इंतजार कर रहा है — कौन बनेगा अगला स्थायी DGP?
एक ऐसा नेतृत्व जो राज्य को सुरक्षा, अनुशासन और भरोसे की नई ऊंचाइयों पर ले जाए।