CG News : बिलासपुर में कोरोना की वापसी: 7 दिन में 10 मरीज, प्रशासन को भनक तक नहीं

CG News : बिलासपुर में कोरोना की वापसी: 7 दिन में 10 मरीज, प्रशासन को भनक तक नहीं

CG News : बिलासपुर में कोरोना की वापसी: 7 दिन में 10 मरीज, प्रशासन को भनक तक नहीं

CG News : बिलासपुर शहर में एक बार फिर कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। बीते एक सप्ताह में 10 नए मरीजों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 8 साल की बच्ची से लेकर 86 वर्षीय बुजुर्ग तक शामिल हैं। चिंताजनक बात यह है कि इन मामलों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को समय पर नहीं थी, और उन्होंने स्थिति को लेकर गंभीर लापरवाही बरती है।

हाईकोर्ट जस्टिस पॉजिटिव, फिर भी प्रशासन बेखबर

4 जून को जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस राकेश मोहन पांडेय कोरोना पॉजिटिव पाए गए, तब भी प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। 5 जून को एक मॉकड्रिल कर केवल औपचारिकता निभाई गई, जबकि रायपुर से आई रिपोर्ट में बिलासपुर में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी थी। गुलाब नगर, मोपका निवासी एक परिवार के पुरी यात्रा से लौटने के बाद तीन सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले। 48 वर्षीय पुरुष के साथ 16 वर्षीय बेटा और 8 वर्षीय बेटी भी संक्रमित पाए गए। यह परिवार पुरी से लौटकर सामान्य जीवन में व्यस्त रहा, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ गया।

स्वास्थ्य विभाग की चूक: मरीजों से संपर्क भी नहीं किया गया

अधिकतर मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें न तो होम आइसोलेशन की सलाह दी और न ही संपर्क कर निगरानी शुरू की। कुछ संक्रमित मरीजों ने स्वयं टेस्ट कराया और रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद खुद आइसोलेशन में गए।
कोविड नोडल अधिकारी डॉ. प्रभात श्रीवास्तव ने संक्रमित मरीजों की जानकारी केवल स्टेट नोडल ऑफिसर को भेजी, लेकिन जिले के सीएमएचओ डॉ. सुरेश तिवारी को कोई जानकारी नहीं दी गई। इस पर सीएमएचओ ने नाराजगी जताते हुए उन्हें रोजाना रिपोर्टिंग के निर्देश दिए हैं।

कोरोना के चार नए केस: बुजुर्ग, बच्चे भी चपेट में

शुक्रवार को मिले चार नए केसों में 86 वर्षीय बुजुर्ग, 8 साल की बच्ची और 16 साल की किशोरी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इनके संपर्कों और ट्रैवल हिस्ट्री की जांच करने की बात कह रहा है। राज्य सरकार ने पहले ही सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन बिलासपुर प्रशासन की शिथिलता और असंवेदनशीलता संक्रमण को बढ़ावा देने का खतरा पैदा कर रही है।
अब जरूरी हो गया है कि स्थानीय प्रशासन जमीनी स्तर पर सक्रियता दिखाए, समय पर रिपोर्टिंग करे और जनता को सतर्क करने के लिए ठोस कदम उठाए।

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