CG News : AK-47 के साथ इनामी नक्सली कुंजाम हिड़मा गिरफ्तार, ओडिशा पुलिस को बड़ी सफलता | CCM हिड़मा की गिरफ्तारी की अफवाहों पर बस्तर IG ने दी सफाई
CG News : ओडिशा के कोरापुट जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बड़ी सफलता मिली है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के ट्राई-जंक्शन क्षेत्र में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन के तहत पुलिस ने एक वांछित नक्सली कुंजाम माड़वी हिड़मा उर्फ मोहन को AK-47 राइफल और भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है। उस पर ₹5 लाख का इनाम घोषित था।
जंगल में छिपा मिला नक्सली, पुलिस ने मौके पर ही दबोचा
पुलिस जानकारी के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान एक युवक पुलिस को देख भागने लगा और जंगल में जाकर छिप गया। सुरक्षा बलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया। गिरफ्तार नक्सली की पहचान कुंजाम हिड़मा के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का निवासी है और लंबे समय से नक्सली संगठन से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था।
हथियार और विस्फोटक बरामद
हिड़मा के पास से AK-47 राइफल के साथ-साथ बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई है। उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जिससे नक्सली नेटवर्क और उनकी योजनाओं को लेकर अहम जानकारी मिलने की संभावना है।
कई नक्सली घटनाओं में था शामिल
कोरापुट पुलिस के अनुसार, हिड़मा ओडिशा और छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर हुई कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है। उसकी गिरफ्तारी नक्सली नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।
सोशल मीडिया पर CCM माड़वी हिड़मा की गिरफ्तारी की अफवाह, IG ने किया खंडन
इस बीच सोशल मीडिया पर अफवाह उड़ी कि गिरफ्तार किया गया व्यक्ति सीसीएम (सेंट्रल कमेटी मेंबर) और खूंखार माओवादी माड़वी हिड़मा है, जिस पर ₹1 करोड़ का इनाम घोषित है। माड़वी हिड़मा कई बड़े हमलों और जवानों की शहादत के मामलों में वांछित रहा है।
हालांकि, बस्तर रेंज के IG सुंदरराज पी ने इस खबर को महज अफवाह करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़े गए नक्सली का नाम और पहचान अलग है, और उसे शीर्ष कमांडर हिड़मा समझना गलत है।
बस्तर में नक्सलियों पर लगातार कार्रवाई
हाल के महीनों में बस्तर और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया है। इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर माओवादी मारे जा रहे हैं। कभी बस्तर क्षेत्र में हुए बड़े नरसंहारों के लिए कुख्यात नक्सली अब खुद पुलिस के निशाने पर हैं। माओवादियों द्वारा सरकार के साथ बातचीत के पांच प्रस्ताव भी खारिज किए जा चुके हैं, जिससे स्पष्ट है कि अभी भी वे शांति वार्ता को लेकर गंभीर नहीं हैं।
कुंजाम हिड़मा की गिरफ्तारी ने जहां पुलिस की कार्यवाही को मजबूती दी है, वहीं सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं के प्रसार ने भ्रम की स्थिति भी पैदा की। अधिकारियों ने इस पर तत्काल सफाई देकर स्थिति स्पष्ट की है। आने वाले दिनों में इस गिरफ्तारी से नक्सली गतिविधियों पर लगाम लगाने में और मदद मिलने की उम्मीद है।