CG News : न्यायपालिका पर भरोसा, बस्तर की आवाज़ फिर बुलंद: जेल से रिहा हुए कवासी लखमा
CG News : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में आरोपी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा बुधवार को जेल से रिहा हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत दी है। करीब एक साल बाद जेल से बाहर आते ही उन्होंने न्यायपालिका के प्रति भरोसा जताया।
जेल से रिहा हुए कवासी लखमा
जेल से रिहाई के बाद कवासी लखमा ने कहा कि वे बस्तर के जंगल और गरीबों की आवाज उठाने वाले नेता हैं। उन्होंने न्यायपालिका को बधाई दी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया।
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डिप्टी सीएम अरुण साव को भी दिया धन्यवाद
कवासी लखमा ने कहा कि जेल में रहने के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने टीवी और अखबारों में उनके समर्थन में बयान दिए, जिसके लिए वे उनका धन्यवाद करते हैं।
विधानसभा में फिर उठाएंगे गरीबों की आवाज
लखमा ने कहा कि वे कोंटा से विधायक हैं और हमेशा छत्तीसगढ़ के गरीब, मजदूर और किसानों की आवाज विधानसभा में उठाते रहे हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से सत्र में शामिल होने की अनुमति देने का आग्रह किया।

मुझे साजिश के तहत फंसाया गया
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेंगे।
परिवार की प्रतिक्रिया
लखमा की पत्नी बुधरी ने कहा कि पति की रिहाई की चिंता में वे कमजोर हो गई थीं। वहीं बेटे हरीश लखमा ने कहा कि सत्य की जीत हुई है और सुप्रीम कोर्ट के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा।
जमानत की शर्तें
सुप्रीम कोर्ट की शर्तों के अनुसार, कवासी लखमा को सामान्य दिनों में राज्य से बाहर रहना होगा। वे केवल मेडिकल कारणों या विधानसभा सत्र से पहले सीमित समय के लिए ही छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। उन्हें पासपोर्ट जमा करना होगा और मोबाइल नंबर व पता संबंधित थाने में दर्ज कराना अनिवार्य है।

शराब घोटाले का मामला
छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला करीब 2000 करोड़ रुपये से अधिक का बताया जा रहा है। आरोप है कि कवासी लखमा को हर माह दो करोड़ रुपये मिलते थे। प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें 15 जनवरी 2024 को गिरफ्तार किया था, तब से वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे।
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