CG News: छत्तीसगढ़ में अतिथि शिक्षकों का आंदोलन तेज, संविलियन नहीं होने पर शिक्षा मंत्री को खून से लिखा पत्र, इच्छामृत्यु की मांग
CG News: छत्तीसगढ़ में राज्य अतिथि शिक्षक, यानी विद्यामितान, अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर चुके हैं. भिलाई में राज्य अतिथि शिक्षक कल्याण संघ के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना नौवें दिन भी जारी रहा. शिक्षकों का कहना है कि कैबिनेट बैठक में संविलियन और समायोजन को लेकर कोई निर्णय नहीं होने से उनमें भारी निराशा है.
खून से लिखा पत्र, इच्छामृत्यु की मांग
कैबिनेट बैठक के बाद नाराज आंदोलनकारियों ने शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया. पत्र में उन्होंने कहा कि यदि सरकार वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी जाए. शिक्षकों का कहना है कि यह धमकी नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा और पीड़ा की अभिव्यक्ति है.
कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
गुरुवार को आंदोलनकारी शिक्षकों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर तहसीलदार को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा. इस दौरान कई शिक्षक भावुक हो गए और अपनी समस्याएं बताते हुए रो पड़े. उनका कहना है कि वे पिछले लगभग 10 वर्षों से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें न नौकरी की सुरक्षा मिली और न ही सम्मानजनक वेतन.
शिक्षा मंत्री पर लगाया अनदेखी का आरोप
राज्य अतिथि शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राज यादव ने आरोप लगाया कि वे अपनी मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे थे. उनका कहना है कि उन्होंने कैबिनेट बैठक में मांगों पर निर्णय लेने का आग्रह किया था, लेकिन उनकी बात गंभीरता से नहीं सुनी गई. इन आरोपों पर शिक्षा मंत्री की ओर से इस खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
समान कार्य, समान वेतन की मांग
आंदोलनकारी शिक्षकों का कहना है कि वे नियमित शिक्षकों की तरह ही स्कूलों में पढ़ाते हैं, लेकिन उन्हें काफी कम मानदेय मिलता है. इससे आर्थिक और सामाजिक परेशानियां बढ़ रही हैं. उनका कहना है कि समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा, संविलियन या समायोजन और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा किया जाना चाहिए. फिलहाल आंदोलन जारी है और शिक्षक सरकार से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद लगाए हुए हैं.