छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फैसला: ‘लव ट्रैप’ प्रकरण में DSP कल्पना वर्मा सस्पेंड, कारोबारी से करोड़ों की उगाही का मामला
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने चर्चित ‘लव ट्रैप’ मामले में कड़ा कदम उठाते हुए DSP कल्पना वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन की शिकायत और विभागीय स्तर पर हुई प्रारंभिक जांच के बाद की गई। कारोबारी का आरोप है कि महिला अधिकारी ने निजी रिश्तों का फायदा उठाकर उससे लगभग ढाई करोड़ रुपये लिए और इसके साथ ही नक्सल विरोधी अभियानों से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं साझा कीं।

लंबी जांच के बाद सामने आई गंभीर बातें
सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच ASP स्तर के अधिकारी की अगुवाई में गठित टीम ने की। करीब एक महीने चली जांच के बाद हजार से अधिक पन्नों की रिपोर्ट शासन को सौंपी गई, जिसमें कई अहम बिंदुओं का उल्लेख है। रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि कारोबारी और महिला डीएसपी के बीच डिजिटल माध्यम से लगातार संपर्क था और इसी दौरान विभाग से जुड़ी गोपनीय जानकारियां साझा किए जाने के प्रमाण सामने आए।
चैट्स में सुरक्षा से जुड़ी सूचनाओं का दावा
जांच दस्तावेजों में सामने आया है कि दोनों के बीच हुई बातचीत में नक्सल गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और संभावित ऑपरेशनों से जुड़ी जानकारियों का जिक्र किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी सूचनाओं का बाहर जाना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हो सकता है।
नगद राशि, गाड़ियां और कीमती गहनों का आरोप
दीपक टंडन ने अपनी शिकायत में कहा है कि वर्ष 2021 के बाद से अलग-अलग मौकों पर उससे भारी मात्रा में नकद और महंगे उपहार लिए गए। आरोपों में शामिल हैं:
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करोड़ों रुपये की नकद रकम
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एक महंगी कार
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हीरे की अंगूठी
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सोने के गहने
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अन्य कीमती वस्तुएं
कारोबारी का दावा है कि शिकायत के बाद भी ये सामान उसे वापस नहीं मिला।
होटल प्रोजेक्ट के नाम पर लेन-देन की बात
शिकायत में यह भी कहा गया है कि महिला अधिकारी ने अपने पारिवारिक सदस्य के नाम पर होटल व्यवसाय शुरू करने की बात कहकर उससे आर्थिक मदद ली। कारोबारी ने मांग की है कि मामले में बैंक रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच होनी चाहिए।
