Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव में, छत्तीसगढ़ के अफसरों को विशेष जिम्मेदारी
Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी तैयारी की गई है,शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ से तीन अफसरों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, ये तीनों अधिकारी बिहार में चुनाव के दौरान सुरक्षा ऑब्जर्वर की भूमिका निभाएंगे.
केंद्र और राज्य एजेंसियों की बैठक
छत्तीसगढ़ के जिन अफसरों को बिहार भेजा जा रहा है, उनमें जितेंद्र शुक्ला, पंकज चंद्रा और संदीप कुमार पटेल के नाम शामिल हैं,इसके अलावा, छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स की 17 कंपनियां भी बिहार में चुनाव ड्यूटी पर तैनात की जाएंगी,बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र सोमवार को केंद्रीय और राज्य एजेंसियों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने की,बैठक में कस्टम, रेवेन्यू इंटेलिजेंस, प्रवर्तन निदेशालय (ED), एनसीबी, एनआईए, ईओयू, वायु सेना, एसआईबी, बिहार पुलिस, सीएपीएफ, रेलवे और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए,इस बैठक में आपसी समन्वय, खुफिया जानकारी साझा करने और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहतर प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया.
अर्धसैनिक बलों की 1500 कम्पनियां तैनात
बैठक में बिहार पुलिस के एडीजी पंकज दराद ने बताया कि अर्द्धसैनिक बलों की कुल 1500 कंपनियां राज्य में तैनात की जा रही हैं,इनमें से 500 कंपनियां पहले से तैनात हैं, 500 कंपनियों का इंडक्शन जारी है, जबकि बाकी 500 कंपनियां 30 अक्टूबर से तैनात की जाएंगी,इनमें से 318 कंपनियां दूसरे राज्यों से बिहार आ रही हैं, जिन्हें तय जिलों में तैनात किया जाएगा,चुनाव आयोग ने भी साफ कर दिया है कि पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए जाएंगे और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होगी, आयोग के अनुसार, एक पोलिंग बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं होंगे, जिसका मतलब है कि पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ेगी — और इसके साथ ही सुरक्षा बलों की ज़रूरत भी बढ़ जाएगी,यह सभी तैयारियां शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे —पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जिसमें 121 सीटों पर वोटिंग होगी, वहीं, दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा,नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, दोनों चरणों के बीच समय कम होने के कारण सुरक्षाबलों को एक साथ बड़ी संख्या में तैनात किया जा रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके.