CG News: महादेव सट्टा ऐप का आरोपी सौरभ चंद्राकर रायपुर पहुंचा, 4 नवंबर को CBI स्पेशल कोर्ट में होगी पेशी, प्रत्यर्पण की शर्तों पर विवाद
CG News: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को CBI की टीम दिल्ली से रायपुर लेकर पहुंची है. उसे फ्लाइट E6 2307 के जरिए रायपुर लाया गया. सौरभ पर करीब 6 हजार करोड़ रुपए के कथित सट्टा घोटाले में शामिल होने का आरोप है. अब 4 नवंबर को उसे रायपुर की विशेष CBI अदालत में पेश किया जाएगा. ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए सौरभ को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंपने का आदेश दिया था.

दिल्ली कोर्ट ने दी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड
सोमवार को सौरभ चंद्राकर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने CBI को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी. अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी को 4 नवंबर 2026 या उससे पहले रायपुर की स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया जाए. अब मामले में आगे की कार्रवाई रायपुर की विशेष अदालत के समक्ष होगी, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े मामलों की जांच CBI कर रही है. छत्तीसगढ़ सरकार ने इस नेटवर्क से संबंधित 13 FIR जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंपी थीं. इनमें से दो मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. वहीं, प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच कर रही है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल कर चुकी है.
मुख्यमंत्री साय ने CBI को दी बधाई
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी और भारत वापसी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने CBI को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि इस मामले में प्रोटेक्शन मनी किन-किन लोगों तक पहुंचती थी, इसका बड़ा खुलासा हो सकता है. सौरभ की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियों की पूछताछ में सट्टा नेटवर्क और कथित आर्थिक लेनदेन से जुड़ी जानकारियां सामने आने की उम्मीद है.

प्रत्यर्पण की शर्तों को लेकर आरोपी के वकील ने उठाए सवाल
दिल्ली कोर्ट में सुनवाई के दौरान सौरभ चंद्राकर के वकील ने ओमान की अदालत के प्रत्यर्पण आदेश का हवाला देते हुए CBI की कार्रवाई पर सवाल उठाए. बचाव पक्ष का कहना था कि भारत की ओर से ओमान को भेजे गए प्रत्यर्पण अनुरोध में ED के मामले को मंजूरी मिली थी, जबकि CBI के मामले को लेकर ऐसी मंजूरी नहीं दी गई थी. वकील ने दलील दी कि प्रत्यर्पण की शर्तों के अनुसार सौरभ पर उन्हीं मामलों में कार्रवाई की जा सकती है, जिनके आधार पर उसे भारत लाया गया है. इसी आधार पर उन्होंने कहा कि CBI उसे अपने मामले में रिमांड पर नहीं ले सकती.
CBI ने कहा- गिरफ्तारी पर फैसला रायपुर कोर्ट करेगी
CBI की ओर से अदालत में कहा गया कि सौरभ के खिलाफ रायपुर की विशेष अदालत पहले ही ओपन एंडेड गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी थी. एजेंसी के मुताबिक, ओमान सरकार से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी को भारत लाया गया है. CBI ने यह भी दलील दी कि ED और CBI के मामले आपस में जुड़े हुए हैं. दिल्ली कोर्ट के सामने फिलहाल आरोपी को रायपुर की अदालत तक ले जाने के लिए ट्रांजिट रिमांड का सवाल था. प्रत्यर्पण की शर्तों और CBI के मामले में मुकदमा चलाने के अधिकार पर फैसला रायपुर की विशेष अदालत करेगी.
2022 में दर्ज FIR से जुड़ा है सट्टेबाजी नेटवर्क का मामला
CBI के मुताबिक, महादेव बुक ऐप को सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगियों ने मिलकर प्रमोट किया था. आरोप है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म और पैनल तैयार किए गए थे, जिनके जरिए यह नेटवर्क संचालित होता था. जांच एजेंसी का दावा है कि सट्टे से मिलने वाली रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जाती थी और बाद में इसे UAE तक पहुंचाया जाता था. सौरभ और उसके सहयोगियों पर दुबई से नेटवर्क चलाने का भी आरोप है. जांच में छत्तीसगढ़ के कई युवाओं को इस नेटवर्क में कर्मचारी और मैनेजर के रूप में काम पर रखने की बात भी सामने आई है, सौरभ चंद्राकर को 4 नवंबर तक रायपुर की CBI विशेष अदालत में पेश किया जाना है. अब सबसे अहम सवाल यह है कि ओमान से हुए प्रत्यर्पण की शर्तों के तहत CBI के मामले में उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है या नहीं. इस कानूनी पहलू पर रायपुर की विशेष अदालत फैसला करेगी. अदालत के निर्णय के बाद ही मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा स्पष्ट होगी.