CG News: छत्तीसगढ़ में मध्याह्न भोजन ठप, मानदेय न मिलने से 87 हजार रसोइये हड़ताल पर
CG News: छत्तीसगढ़ के शासकीय विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना पर गहरा संकट छा गया है, छत्तीसगढ़ मध्याह्न भोजन रसोइया संगठन के बैनर तले प्रदेशभर के रसोइयों ने बकाये मानदेय और कुकिंग कॉस्ट (भोजन पकाने की राशि) का भुगतान न होने के विरोध में अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल शुरू कर दी है, संगठन के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत यानी 16 जून से ही रसोइयों और स्व सहायता समूहों को कोई वित्तीय आवंटन प्राप्त नहीं हुआ है, जिससे मध्याह्न भोजन का संचालन पूरी तरह ठप हो गया है.
रसोइयों पर लाखों का कर्ज
संगठन की प्रदेश अध्यक्ष नीलू ओगरे ने बताया कि प्रदेश के 56,895 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 87,600 रसोइये लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं, रसोइयों ने बच्चों के भोजन हेतु दाल, सब्जी, मसाले व राशन सामग्री दुकानदारों व साहूकारों से उधार लेकर जुटाई, जिसके चलते कई रसोइयों पर 1 लाख रुपये तक का कर्ज चढ़ चुका है, अब राशन विक्रेताओं द्वारा आगे उधारी में सामान देने से साफ इनकार कर दिया गया है, जिससे व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.
आज मंत्रालय घेराव का ऐलान
रसोइया संघ का कहना है कि मानदेय व पकाने की लागत की राशि जारी कराने हेतु वे कई बार स्कूल शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों और स्कूल शिक्षा मंत्री के पास गुहार लगा चुके हैं, हर बार केवल जल्द भुगतान का आश्वासन दिया गया, लेकिन व्यावहारिक रूप से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, बार-बार मिल रही उपेक्षा से आक्रोशित रसोइया संगठन ने मंगलवार को मंत्रालय (महानदी भवन) और स्कूल शिक्षा मंत्री के निवास का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया है.
वैकल्पिक व्यवस्था कराने का फरमान
रसोइयों की हड़ताल के बीच विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) द्वारा संबंधित शालाओं के प्रधानपाठकों व शिक्षकों को मध्याह्न भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था करने के मौखिक व लिखित निर्देश जारी किए गए हैं, छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षक कर्मचारी संघ ने शासन के इस फरमान का कड़ा विरोध दर्ज कराया है, संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि शिक्षकों का मूल कार्य अध्यापन कराना है, उन्हें भोजन बनाने या जुटाने की जिम्मेदारी देना अनुचित है.
शिक्षक संघ का खुला समर्थन
शिक्षक संगठन ने रसोइयों व स्वीपरों की मांगों को जायज ठहराते हुए उनकी काम बंद हड़ताल का खुला समर्थन किया है, शिक्षक नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि रसोइयों की महीनों से लंबित मानदेय व कुकिंग कॉस्ट की राशि तत्काल जारी की जाए, ताकि बच्चों को पुनः गर्म व पौष्टिक भोजन मिल सके और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखा जा सके, फिलहाल पूरी नजर इस बात पर टिकी है कि आंदोलन के मद्देनजर शिक्षा विभाग क्या कदम उठाता है.